Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • नैनीताल
  • कोर्ट ने पलायन ग्रस्त गांवों में रह रहे बुजुर्गो का ब्यौरा मांगा
  • नैनीताल

कोर्ट ने पलायन ग्रस्त गांवों में रह रहे बुजुर्गो का ब्यौरा मांगा

RNS INDIA NEWS 22/07/2024
rns featured image new

नैनीताल(आरएनएस)। हाईकोर्ट ने राज्य के दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्रों के पलायन ग्रस्त गांवों में अकेले रह रहे बुजुर्गों को मूलभूत सुविधा देने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रितु बाहरी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से छह सप्ताह के भीतर शपथ पत्र पेश करने को कहा है। उनसे शपथ पत्र के माध्यम से पूछा है कि ऐसे कितने वरिष्ठ नागरिक हैं, जिन्हें वास्तव में मदद की आवश्यक्ता है। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि शासन के पास मदद के लिए ऐसे कोई आवेदन नहीं आए हैं। हालांकि सरकार इस पर कार्य कर रही है। मामले के अनुसार, बागेश्वर निवासी समाजसेवी और हाईकोर्ट की अधिवक्ता दीपा आर्या ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा है कि उत्तराखंड के दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्रों में जिन परिवारों के सदस्य नौकरी एवं अन्य कारणों से पलायन कर चुके हैं, ऐसे परिवारों के वृद्ध आज भी गांव में अकेले मुश्किलों भरा जीवन जी रहे हैं। देखरेख के अभाव में इन बुजुर्गों का जीवन जाड़े और बरसात के साथ अन्य समय में बदतर हो रहा है। इन क्षेत्रों में आमतौर पर स्वयंसेवी संगठन (एनजीओ) भी नहीं पहुंच पाते हैं। इन्हें समाज की तरफ से मदद नहीं मिल पाती है। याचिकाकर्ता ने ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को सेंट्रल सोशल वेलफेयर ऐक्ट 2007 के तहत सहायता दिलाने की प्रार्थना की है। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि राज्य सरकार आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से ऐसे लोगों का डाटा तैयार कराए। इस डाटा के अनुरूप राज्य सरकार इन लोगों को नियमों के तहत तत्काल मदद पहुंचाए। जनहित याचिका में कुमाऊं और गढ़वाल कमिश्नर को समेत जिलाधिकारियों को भी पक्षकार बनाया है। उधर, सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि इस तरह के मामले में मदद के लिए शासन के पास कोई आवेदन नहीं आए हैं, फिर भी सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: शिवालयों में उमड़ी शिव भक्तों की भीड़
Next: सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे छात्र संघ अध्यक्ष समेत 7 छात्र

Related Post

rns featured image new
  • नैनीताल

कैंची मेले के लिए 350 बसें लगाई गईं, दो दिन प्रभावित रहेंगी पर्वतीय रूटों की सेवाएं

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
rns featured image new
  • नैनीताल

आईपीएस निवेदिता कुकरेती ने संभाला आईजी कुमाऊं का कार्यभार, कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर

RNS INDIA NEWS 09/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-06 at 22.36.01_11zon
  • नैनीताल

विश्व पर्यावरण दिवस पर रामगढ़ रेंज में वृक्षारोपण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

RNS INDIA NEWS 06/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 14 जून
  • नशा मुक्त भारत पखवाड़े के तहत दन्या पुलिस का जागरूकता अभियान
  • धोखाधड़ी कर प्लॉट बेचने के आरोप में छह लोगों पर मुकदमा
  • सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध और नए कानूनों को लेकर निकाली जागरूकता रैली
  • पोस्टमैन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
  • बिनसर वनाग्नि के शहीद वन कर्मियों को दी श्रद्धांजलि
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.