
देहरादून(आरएनएस)। दून अस्पताल के कॉर्डियोलॉजी विभाग ने जीपीएस मैपिंग से दिल की गंभीर बीमारी का इलाज शुरू किया गया है। कैथलैब में आत्याधुनिक तकनीकी से अनियंत्रित धड़कन वाले चार मरीजों की समस्या को जड़ से खत्म किया गया एमएस डॉ. आरएस बिष्ट ने बताया कि विभाग के एचओडी डॉ. अमर उपाध्याय के नेतृत्व में इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी कार्यशाला में दिल की अनियंत्रित धड़कन से जूझ रहे चार मरीजों का सफल इलाज किया गया। डॉक्टरों ने अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर बीमारी की जड़ को खत्म किया। डॉ. उपाध्याय के मुताबिक जिन चार मरीजों की सर्जरी की गई, उनमें से तीन एसेसरी पाथवे और एक मरीज मल्टी फोकल एट्रियल टैकीकार्डिया से पीड़ित था। इन बीमारियों में मरीज की धड़कन अचानक बहुत तेज हो जाती है, जिससे उन्हें घबराहट, चक्कर आने और बेहोश होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसका मुख्य कारण हृदय की मांसपेशियों में असामान्य विद्युत संचरण कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर उपाध्याय ने बताया कि इलाज के लिए थ्रीडी कार्टो मैपिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। यह एक तरह की लोकलाइज्ड जीपीएस मैपिंग है, जिसके जरिए हृदय के इलेक्ट्रिक संचरण का एक नक्शा (मैप) तैयार किया जाता है। इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिकल स्टडी से असामान्य ऊतकों की सटीक पहचान की गई और रेडियो फ्रीक्वेंसी एबलेशन द्वारा उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया। इससे बीमारी का जड़ से इलाज संभव हो सका। एमएस डॉ. आरएस बिष्ट ने इलाज एवं कार्यशाला के लिए कार्डियोलॉजी विभाग की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में लगातार नई तकनीकों और सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के गरीब और आम मरीजों को मिल रहा है। डॉ ऋचा, डॉ दीक्षांत, डॉ आँचल, डॉ साईजीत, डॉ अल्फिशा आदि मौजूद रहे।

