
देहरादून(आरएनएस)। भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के 82 वर्षीय सेवानिवृत्त वरिष्ठ वैज्ञानिक साइबर ठगों का शिकार हो गए। गूगल पर जी-पे से जुड़ी समस्या का समाधान खोजने के दौरान ठगों ने उनके मोबाइल का रिमोट एक्सेस लेकर बैंक खाते से 3.49 लाख रुपये निकाल लिए। शिकायत मिलने पर नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने शनिवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के बेटे संजय सेमवाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता डॉ. प्रेम बल्लभ सेमवाल नत्थनपुर, जोगीवाला में रहते हैं। 15 दिसंबर को उनका जी-पे खाता निष्क्रिय हो गया था। समस्या सुलझाने के लिए उन्होंने 23 दिसंबर को गूगल पर जानकारी खोजी। कुछ ही देर बाद एक व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को एसबीआई बैंक का अधिकारी चंद्रा बताया। मदद के नाम पर उसने एक एपीके फाइल भेजी, जिसे मोबाइल में इंस्टॉल करवा लिया गया। फाइल डाउनलोड होते ही ठग ने मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया और अपने खाते को पीड़ित के बैंक खाते से जोड़ दिया। इसके बाद तीन अलग-अलग लेनदेन के जरिए 3,49,000 रुपये निकाल लिए गए। नेहरू कॉलोनी थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
उधर, रायपुर क्षेत्र में भी साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। सोडा सरोली निवासी हरीश चंद से फोन पर झांसा देकर साइबर ठगों ने 1.04 लाख रुपये की ठगी कर ली। बताया गया कि 7 से 13 दिसंबर के बीच उनके बैंक खाते से यह रकम निकाली गई। रायपुर थानाध्यक्ष गिरीश नेगी ने बताया कि शिकायत पर शनिवार को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
