
हरिद्वार। बुधवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर शहर में कई स्थानों पर दस दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव की शुरूआत की गयी। विभिन्न पण्डालों में गणपति की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की गयी हैं। भोलागिरी रोड़ स्थित गीता भवन में भी बुधवार को श्री महामाया गणपति संगठन द्वारा स्थापित की गयी गणपति के बाल स्वरूप की मूर्ति की आंखें और मूवमेंट करती सूंड वाली मूर्ति को परीडा मूर्ति कला केंद्र तैयार की गयी है। बाल गणेश का यह रूप सबके आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बाल गणेश की इस प्रतिमा को गीता भवन के बप्पा नाम दिया गया है। श्री महामाया गणपति संगठन के संयोजक धीरज अनेजा ने बताया कि संगठन द्वारा प्रतिवर्ष भव्य गणेश्ाोत्सव का आयोजन किया जाता है। जिसमें अलग-अलग थीम पर आधारित गजानन की प्रतिमाएं स्थापित की जाती है। इसके पहले सोंफ, अनाज और कोरोना थीम पर आधारित गणपति किए जा चुके हैं। इस बार गणपति को वास्तविक रूप देने का प्रयास करते हुए मूर्ति की आंखें और सूंड में मूवमेंट किया गया है। जिसे श्रद्धालुओं द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। इस अवसर पर श्री अखण्ड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की गीता भवन में स्थापित मूर्ति को देखकर लग रहा है कि साक्षात भगवान श्री गणेश विराज गए हैं। मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे शांभवी धाम और काली सेना के प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि गीता भवन आकर गणपति के दिव्य दर्शन करें। उन्होंने भगवान गणेश से उत्तराखण्ड की खुशहाली और सभी के कष्टों को दूर करने की प्रार्थना भी की। इस दौरान धीरज अनेजा, सचिन वर्मा, अधीर कौशिक, स्वामी आनंद स्वरूप, पंडित देवेंद्र कृष्ण आचार्य, सचिन वर्मा, रोहन दास, अवधेश खत्री, सत्यम चावला, सचिन सैनी, लोकेश गिरी, राहुल, जितेंद्र, बाले, धर्मेंद्र, टोनी, राजेश अरोड़ा, ललित अरोड़ा, इसान झा आदि मौजूद रहे।

