
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा में नवीन शिक्षा नीति 2020 के तहत संचालित पाठ्यक्रमों और फोरेंसिक साइंस विषय को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने की। इससे पूर्व कुलपति प्रो. बिष्ट की केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा से अल्मोड़ा में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय का नया परिसर, कॉलेज बनाने और इसके तहत फॉरेंसिक विज्ञान के विभिन्न पाठ्यक्रमों को संचालित करने को लेकर कल विस्तृत वार्ता की गई थी। उसी क्रम में मंगलवार की बैठक में विश्वविद्यालय में इन पाठ्यक्रमों को प्रभावी रूप से प्रारंभ किए जाने पर विचार-विमर्श किया गया। कुलपति ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय में फोरेंसिक विज्ञान से संबंधित स्नातक, परास्नातक और डिप्लोमा स्तर के पाठ्यक्रम जल्द ही प्रारंभ किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों के निर्माण और आवश्यक संसाधनों की योजना तैयार करने के लिए एक समिति गठित की गई है। इस समिति की अध्यक्षता प्रो. अनिल कुमार यादव करेंगे, जबकि प्रो. ए. के. नवीन, प्रो. मधुलता नयाल, डॉ. नंदन सिंह बिष्ट, डॉ. पारुल सक्सेना और डॉ. मनोज बिष्ट सदस्य होंगे। बैठक में नवीन शिक्षा नीति के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रमों को लेकर भी गहन चर्चा हुई। कुलपति ने निर्देश दिए कि सभी पाठ्यक्रमों के आंतरिक मूल्यांकन समय पर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र से पूर्व ही निर्धारित समय के भीतर आंतरिक परीक्षाएं आयोजित कर ली जाएंगी। साथ ही विद्यार्थियों को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए निर्देश दिया गया कि असाइनमेंट की अंतिम तिथि 2 जून निर्धारित की गई है। बैठक में विश्वविद्यालय में संचालित किए जाने वाले वोकेशनल, स्किल और वैल्यू एडेड कोर्सों पर भी विचार किया गया। विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं और छात्रों की रुचियों को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रमों के चयन की प्रक्रिया पर मंथन किया गया। इस अवसर पर प्रो. जगत सिंह बिष्ट, प्रो. सुशील कुमार जोशी, प्रो. शेखर चंद्र जोशी, डॉ. एच. आर. कौशल, प्रो. रिजवाना सिद्दीकी, डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट, डॉ. नंदन सिंह बिष्ट, डॉ. मनोज कुमार बिष्ट, डॉ. पारस नेगी, डॉ. ललित जोशी और हेमा सहित कई अधिकारी व संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

