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फेविपिरवीर ने कोविड-19 रोगियों के क्लिनिकल उपचार में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की

RNS INDIA NEWS 24/11/2020
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देहरादून। वायरस के जीवन-चक्र के रेप्लिकेशन चरण को रोकने वाली, ओरल एंटीवायरल दवा, फेविपिरवीर, हल्के से मध्यम लक्षणों वाले कोविड-19 रोगियों के क्लिनिकल उपचार में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है। इन निष्कर्षों को ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स द्वारा किए गए एक रैंडमाइज्ड, नियंत्रित चरण 3 के क्लिनिकल अध्ययन में देखा गया था, और ये निष्कर्ष अब द इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इंफेक्शियस डिजीजेज (आईजेआईडी) में ऑनलाइन प्रकाशित किए गए हैं। आईजेआईडी विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित, पीयर रिव्यूड, पबमेड इंडेक्स्ड, ओपन एक्सेस जर्नल है जिसे हर महीने इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर इंफेक्शियस डिजीजेज, अमेरिका द्वारा प्रकाशित किया जाता है। प्रकाशित निष्कर्ष आने वाले हफ्तों में जर्नल के प्रिंट संस्करण में भी दिखाई देंगे।
अध्ययन ‘‘एफिकेसी एंड सेफ्टी ऑफ फेविपिरवीर, एन ओरल आरएनए डिपेंडेंट आरएनए पोलिमरेज इनहिबिटर, इन माइल्ड-टू-मॉडरेट कोविड-19: ए रैंडमाइज्ड, कम्पेरेटिव, ओपन ओपन-लेबल, मल्टीसेंटर, फेज 3 क्लिनिकल ट्रायल के प्रकाशन को डॉ. जरीर एफ. उदवाडिय़ा और अन्य सह-लेखकों द्वारा लिखा गया है।एंटीवायरल ड्रग फेविपिरविर का ब्रांड नाम फेबिफ्लू है जिसका चरण 3 अध्ययन 150 रोगियों में रैंडमाइज्ड, ओपन लेबल, मल्टीसेंटर, फेज 3स्टडी के हिस्से के रूप में किया गया था। अध्ययन का लक्ष्य, हल्के से मध्यम लक्षणों वाले कोविड-19 रोगियों में फेविपिरवीर की प्रभावकारिता और सुरक्षा के साथ ही स्टैंडर्ड सपोर्टिव केयर (फेविपिरवीर ट्रीटमेंट आर्म) वर्सेस केवल स्टैंडर्ड सपोर्टिव केयर (कंट्रोल आर्म) का मूल्यांकन करने के लिए किया गया था, जो कोविड-19 के लिए आरटी-पीसीआर की 48 घंटे के भीतर की टेस्टिंग के लिए रैंडमाइज किया गया था। फेविपिरवीर से कई उपचार लाभ मिले हैं, समय के अंदर तेजी से क्लिनिकल उपचार प्राप्त हुआ है, और काफी हद तक सहायक ऑक्सीजन थेरेपी की जरूरत नहीं पड़ी है। इसके अलावा, मध्यम लक्षणों वाले कोविड-19 रोगियों को, उन रोगियों की तुलना में जिन्हें फेविपिरविर नहीं दिया गया था, अस्पताल से पहले छुट्टी दे दी गयी, और कंट्रोल ग्रुप की तुलना में क्लिनिकल उपचार के लिए मीडियन टाइम में ढाई दिनों की कमी दर्ज की गयी।

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