Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • रुद्रप्रयाग
  • ई-पास की अनिवार्यता खत्म करने को लेकर केदारघाटी में अधिकांश बाजार रहे बंद
  • रुद्रप्रयाग

ई-पास की अनिवार्यता खत्म करने को लेकर केदारघाटी में अधिकांश बाजार रहे बंद

RNS INDIA NEWS 27/09/2021
default featured image

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा में ई-पास की अनिवार्यता खत्म करने को लेकर सोमवार को केदारघाटी में अधिकांश बाजार बंद रहे। घोड़ा-खच्चर, डंडी कंडी मजदूरों ने भी सेवाएं बंद की। सोनप्रयाग में आक्रोशित लोगों ने एक सभा आयोजित की। इधर तीर्थयात्रियों को बिना संसाधनों के केदारनाथ धाम जाने में मुश्किलें उठानी पड़ी।
सोमवार को केदारघाटी में ई-पास के विरोध में गुप्तकाशी, फाटा, रामपुर, सीतापुर, सोनप्रयाग और गौरीकुंड में व्यापारिक प्रतिष्ठान, होटल, ढाबे पूरी तरह बंद रहे। घोड़ा-खच्चर, डंडी कंडी सेवाएं भी ठप रही। सोनप्रायग में मुख्य कार्यक्रम के दौरान सभी ने मिलकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की। यात्रा से जुड़े सभी लोगों ने आंदोलन को पूरा समर्थन दिया। कहा कि सरकार को हर हाल में ई-पास की बाध्यता को खत्म करना होगा। पर्यटकों को केदारघाटी क्षेत्र में आने दिया जाए। प्रदर्शन होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें सम्पूर्ण केदारघाटी के व्यवसायियों ने एकजुट होकर साथ दिया। एसोसिएशन के सचिव नितिन जमलोकी कहा कि तहसीलदार ऊखीमठ के माध्यम से ई-पास की अनिवार्यता को समाप्त करने को लेकर ज्ञापन भी सरकार को भेजा गया है। सभी व्यवसायियों द्वारा कहा गया कि बीते कुछ दिनों में यदि सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया तो गर कोई निर्णय नही सभी केदारघाटी के व्यवसायी बड़े आंदोलन को बाध्य होंगे। जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमंत तिवाड़ी और कनिष्क प्रमुख ऊखीमठ शैलेन्द्र कोटवाल ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। इस मौके पर होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रमोद नौटियाल, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य त्रियुगीनारायण रामचन्द सेमवाल, प्रधान कविल्ठा अरविंद सिंह राणा, घोडा खच्चर संगठन के अध्यक्ष अनूप गोस्वामी, अशोक कुनियाल, अंकित भट्ट, महेंद्र सेमवाल के साथ ही बड़ी संख्या में होटल व्यवसायी, घोड़ा खच्चर संचालक, मजदूर मौजूद थे।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: यमकेश्वर में अवैध शराब बरामद
Next: राहुल गांधी से माफी मांगे भाजपा प्रभारी

Related Post

default featured image
  • रुद्रप्रयाग

स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने रैली निकाली और प्रदर्शन किया

RNS INDIA NEWS 01/02/2026 0
default featured image
  • रुद्रप्रयाग

अधिक किराया वसूलने की शिकायत पर चालान

RNS INDIA NEWS 30/01/2026 0
default featured image
  • रुद्रप्रयाग

केदारनाथ में मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी

RNS INDIA NEWS 30/01/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 02 फरवरी
  • सेवा ही राजनीति का सबसे सशक्त माध्यम : कोश्यारी
  • गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में हुई साल की तीसरी बर्फबारी
  • स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने रैली निकाली और प्रदर्शन किया
  • सकल हिंदू एकता मंच की ओर से विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित
  • भूखंडों का स्वामित्व दर्ज कराने के लिए प्रशासन ने बढ़ाई 15 दिन की समय सीमा

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.