
अल्मोड़ा। गुरुवार को जिले के दुग्ध उत्पादकों ने बैठक कर दुग्ध मूल्य बढ़ाने, हेडलोड दरों में वृद्धि, पशु चिकित्सा सेवाओं में सुधार और दुग्ध संघ की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने समेत कई मांगें उठाईं। बैठक के बाद मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और डेयरी विकास विभाग से जुड़े अधिकारियों को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए दुग्ध क्रय दरों में वृद्धि की जाए और नई दरें घोषणा की तिथि से लागू की जाएं। दुग्ध उत्पादकों ने समितियों से सड़क तक दूध पहुंचाने के लिए हेडलोड की दर एक रुपये प्रति लीटर प्रति किलोमीटर तय करने की मांग की। उनका कहना था कि वर्तमान दरों में श्रमिक कार्य करने को तैयार नहीं हैं। दुग्ध उत्पादकों ने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन और सचिव प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि समितियों से संग्रहित दूध के दुग्धशाला पहुंचते ही तौल और परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। देर से परीक्षण और तौल होने के कारण दूध फटने और खराब होने से समितियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। ज्ञापन में अल्मोड़ा दुग्ध संघ के उत्पादों की बिक्री में कमी पर चिंता जताते हुए विपणन कर्मचारियों से केवल विपणन कार्य लेने तथा आवश्यकता पड़ने पर अन्य कर्मचारियों को भी विपणन कार्य में लगाने की मांग की गई। दुग्ध उत्पादकों ने पशु औषधियों की खरीद पूर्व की भांति दुग्ध संघ के माध्यम से कराने तथा दुग्ध संघ में कथित अनियमितताओं में तत्काल सुधार की मांग भी उठाई। ज्ञापन की प्रतियां दुग्ध विकास मंत्री, जिलाधिकारी अल्मोड़ा, निदेशक डेयरी विकास, प्रबंध निदेशक, सहायक निदेशक डेयरी विकास और प्रधान प्रबंधक दुग्ध संघ अल्मोड़ा को भेजी गई हैं। उत्पादकों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो डेयरी कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में गोपाल सिंह बिष्ट, दीवान सिंह, राहुल गुणवंत, प्रदीप बिष्ट, मनोज खोलिया, भास्कर खोलिया, पवन कुमार और कमलेश सिंह समेत अन्य दुग्ध उत्पादक मौजूद रहे।

