
अल्मोड़ा। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने शनिवार को पातालदेवी स्थित अल्मोड़ा हैंडलूम स्वयं सहायता समूह की उत्पादन इकाई का निरीक्षण कर महिला बुनकरों से संवाद किया। उन्होंने उनके कार्यों का अवलोकन किया और हस्तकरघा उत्पादों के विपणन में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। यह उत्पादन इकाई पहले हिमाद्रि हंस हैंडलूम के नाम से संचालित होती थी और वर्तमान में अल्मोड़ा हैंडलूम स्वयं सहायता समूह के नाम से कार्य कर रही है। यहां करीब 20 महिला बुनकर पारंपरिक हस्तकरघा उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महिला बुनकरों से उत्पादन प्रक्रिया, कच्चे माल की उपलब्धता, उत्पादन क्षमता और कार्य में आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। महिला बुनकरों ने बताया कि उनके उत्पादों की गुणवत्ता अच्छी होने के बावजूद उचित बाजार और विपणन के अभाव में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस पर जिलाधिकारी ने प्रशासन की ओर से स्थानीय हस्तशिल्प और हस्तकरघा उत्पादों के प्रचार-प्रसार तथा विपणन के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समूह के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए उन्हें विभिन्न मेलों, प्रदर्शनियों और अन्य उपयुक्त मंचों से जोड़ा जाए, ताकि महिला बुनकरों की आय में वृद्धि हो और स्थानीय हस्तकरघा उद्योग को भी बढ़ावा मिल सके। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीताम्बर प्रसाद सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
