
नैनीताल(आरएनएस)। धारी ब्लॉक के मल्ली दीनी में गुलदार को पकड़ने में वन विभाग को सफलता मिली है। विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे में गुलदार करीब 10 दिन बाद बीते सोमवार देर रात फंस गया। जिसे रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर भेज दिया है। हालांकि, तल्लीदीनी क्षेत्र में महिला को निवाला बनाने वाला यही गुलदार है या कोई दूसरा? इसका पता फॉरेसिंक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। नैनीताल जिले के धारी ब्लॉक के तल्लीदीनी में 26 दिसंबर को अपने घर से कुछ दूरी पर मवेशियों के लिए चारा काट रही हेमा देवी पर गुलदार ने हमला कर दिया था। परिजनों के शोर मचाने तक गुलदार महिला को कई किमी जंगल के अंदर ले गया था। काफी खोजबीन के बाद महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद किया था। नाराज ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए, हंगामा किया था। जिसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र में अलग-अलग स्थान पर ट्रैप कैमरे व पिंजरे लगाए। साथ ही अलग-अलग टीमों को गश्त करने में लगाया गया था। यही नहीं, वन विभाग ने जंगल जाने वाली महिलाओं को सुरक्षा भी दी जा रही थी। करीब एक सप्ताह बाद विभाग को अपने कुछ ट्रैप कैमरों में गुलदार की मूवमेंट दिखाई दी थी। जिसके बाद इधर 10 दिन बाद बीते सोमवार की देर रात मल्लीदीनी क्षेत्र में एक गुलदार वन विभाग के पिंजरे में फंस गया। रेंजर विजय भगत ने बताया कि सोमवार देर रात मल्लीदीनी में एक गुलदार पकड़ा गया। जिसे वन्य जीव वैज्ञानिक प्रशिक्षण के लिए रेस्क्यू सेंटर रानीबाग भेजा गया है। उन्होंने बताया कि महिला पर हमला करने वाला यही गुलदार है या नहीं? इसकी जानकारी फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेगी। अभी भी क्षेत्र में लगातार गश्त जारी है। सर्च अभियान में वन क्षेत्र अधिकारी विजय भट्ट, अभय जोशी, आनंद लाल, डॉ. तरुण गर्ग, डॉ. हिमांशु पांगती, पूरन चंद, कृपाल सिंह, गोधन सिंह, अभय कुमार, सुनील प्रसाद, सुखदेव राणा, विपिन बिष्ट, मनोज, पंकज, गौरव, नीरज, मोहन आदि रहे।

