Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • देववन मंदिर पहुंची पवासी महासू देव की पालकी
  • देहरादून

देववन मंदिर पहुंची पवासी महासू देव की पालकी

RNS INDIA NEWS 19/05/2024
rns featured image new

विकासनगर(आरएनएस)। देववन जंगल में सालभर में एक बार आयोजित होने वाले अखतीर मेले में पवासी महासू देव शनिवार रात प्रवास पर देववन के मंदिर पहुंचे। गाजे-बाजे के साथ पहुंची देव पालकी की अखतीर यात्रा में स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। देववन के मंदिर में दो दिन पूजा-अर्चना के बाद पवासी महासू देव वापस मूल मंदिर लौटेंगे। देववन में पवासी महासू का प्राचीन मंदिर है। यहां साल भर में एक बार मई और जून माह के बीच में शुभ लग्न में अखतीर का मेला लगता है। मान्यता के अनुसार केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के बाद देववन मंदिर में अखतीर मेले की तैयारी शुरू होती है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मेले में परियों से मिलने का वचन निभाने के लिए पवासी महासू देव सालभर में एक बार प्रवास पर देववन के मंदिर जाते हैं। इस बार 19 और 20 मई को अखतीर मेले का आयोजन होने से पवासी महासू की देव पालकी गाजे-बाजे के साथ ठडियार मंदिर से दस किमी की पदयात्रा कर शनिवार रात को प्रवास पर देववन पहुंची। देव पालकी ने सबसे पहले मंदिर के पास स्थित शिला में जाकर परियों से भेंट की। देव पालकी और शिला की पूजा-अर्चना के बाद पवासी महासू देववन मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हुए, जहां दो दिन तक देवता की पूजा अर्चना की जाएगी।

साल में दो दिन खुलते हैं देववन मंदिर के कपाट
देववन मंदिर में दो दिन प्रवास के बाद पवासी महासू देव के वापस लौटने से मंदिर के कपाट साल भर के लिए बंद हो जाते हैं। इस मंदिर में सिर्फ दो दिन देवता की विशेष पूजा-अर्चना होती है। मंदिर के ठीक सामने दो जलकुंड में पानी हमेशा स्थिर रहता है। जबकि पत्थर की बड़ी शिला के पास से गुजरने पर लोगों को मधुमक्खियों के झुंड की आवाज सुनाई पड़ती है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: सेलाकुई से डूंगा तक बस सेवा नहीं होने से ग्रामीण परेशान
Next: राशिफल 20 मई

Related Post

rns featured image new
  • देहरादून

नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप

RNS INDIA NEWS 11/06/2026 0
rns featured image new
  • देहरादून

युवती को ब्लैकमेल कर धमकी देने के आरोपी पर केस

RNS INDIA NEWS 11/06/2026 0
rns featured image new
  • देहरादून

जनता के विश्वास की जीत है नरेंद्रनगर का जनादेश, 50 सीटों के साथ लौटेगी भाजपा: सुबोध उनियाल

RNS INDIA NEWS 11/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • धनगढ़ी पुल पर यातायात शुरू, बरसात में आवागमन की समस्या से मिलेगी राहत
  • ‘कम तेल की थाली, स्वस्थ भारत की खुशहाली’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम
  • पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर निकली पेंशन न्याय यात्रा
  • एसएसजे मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय फॉरेंसिक चिकित्सा एवं विष विज्ञान सम्मेलन आयोजित
  • हवालबाग में जनकल्याण शिविर आयोजित, सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
  • मोदी सरकार के 12 वर्षों में हुए अभूतपूर्व विकास कार्य: डॉ. धन सिंह रावत
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.