
अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने राज्य सरकार से गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित करने तथा उच्च न्यायालय की स्थापना भी वहीं किए जाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यह कदम उत्तराखंड राज्य आंदोलन की मूल भावना और जनभावनाओं के अनुरूप होगा। उपपा के केंद्रीय संयोजक एवं संस्थापक अध्यक्ष पी.सी. तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को पर्वतीय क्षेत्र से बाहर स्थापित करने का निर्णय हिमालयी उत्तराखंड की मूल अवधारणा के विपरीत है। उन्होंने कहा कि राज्य लंबे जनसंघर्ष और बलिदानों के बाद बना है, इसलिए उसकी प्रमुख संस्थाओं का निर्धारण भी आंदोलन की भावना के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के साथ न्यायपालिका से इस विषय पर पुनर्विचार करने की अपील करते हुए कहा कि गैरसैंण केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि उत्तराखंड आंदोलन की जनआकांक्षाओं का प्रतीक है। राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी स्थायी राजधानी घोषित न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। पी.सी. तिवारी ने कहा कि रोजगार, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं जैसी समस्याएं आज भी पर्वतीय क्षेत्रों में गंभीर बनी हुई हैं, जबकि महत्वपूर्ण संस्थाओं का लगातार मैदानी क्षेत्रों की ओर केंद्रीकरण हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनभावनाओं की अनदेखी जारी रही तो व्यापक जनआंदोलन खड़ा हो सकता है। उपपा ने सरकार से आग्रह किया कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी और उच्च न्यायालय का मुख्यालय बनाकर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की मूल भावना का सम्मान किया जाए।


