
रुद्रप्रयाग(आरएनएस)। गुप्तकाशी के देवर गांव में हुए हत्याकांड के आरोपी अतवारु थारु को जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना अग्रवाल की अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न चुकाने पर उसे एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने 13 जुलाई 2026 को आरोपी को दोषी सिद्ध किया और 16 जुलाई को सजा का आदेश पारित किया। अभियोजन पर्क्ष के अनुसार 13 मार्च 2025 की रात को देवर गांव में सड़क निर्माण कार्य में लगे नेपाली मजदूरों के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान आरोपी अतवारु थारु ने अपने साथी शीतल उर्फ संतोष ओली के सिर पर बेलचे से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल शीतल की अगले दिन देहरादून में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के चाचा कर्ण बहादुर की तहरीर पर गुप्तकाशी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बचाव पक्ष ने कहा था कि शीतल शराब के नशे में पत्थर से टकराकर गिरा था लेकिन अदालत ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मृतक के सिर पर आई चोटें सामान्य गिरने से नहीं बल्कि भारी धारदार औजार से किए गए प्रहार के अनुरूप हैं। ऐसे में आरोपी ने जानलेवा हमला किया है जो सिद्ध होता है। इस पर कोर्ट ने आरोपी अतवारु थारु (34, निवासी नेपाल) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 40 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
