
अल्मोड़ा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विशेष सत्र बुलाकर जनता के धन का दुरुपयोग किया गया। प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि सरकार को महिला आरक्षण कानून 2023 की भावना के अनुरूप उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 और लोकसभा चुनाव 2029 में 33 प्रतिशत सीटों पर महिलाओं को आरक्षण देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजना चाहिए था। भोज ने कहा कि यदि इसके लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता होती, तो केंद्र सरकार को शीघ्र विधेयक लाने का प्रस्ताव भी राज्य विधानसभा से पारित कराया जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा विधानसभा में महिला आरक्षण लागू करने का संकल्प प्रस्तुत किया गया, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसकी सरकारें महिलाओं को आरक्षण देने के प्रति गंभीर नहीं हैं और विधायी प्रक्रिया में उलझाकर इसे टालने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि महिला आरक्षण विधेयक सितंबर 2023 में पारित होने के बावजूद इसकी अधिसूचना अप्रैल 2026 में जारी की गई, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत विधेयकों के जरिए लोकसभा और विधानसभा सीटों में वृद्धि तथा परिसीमन की प्रक्रिया से उत्तराखंड की हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि इससे पर्वतीय क्षेत्रों की सीटों में कमी आने की आशंका है, जिस पर सरकार ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। भोज ने राज्य में महिला सुरक्षा के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि महिलाओं को केवल आरक्षण ही नहीं, बल्कि सुरक्षा भी चाहिए। उन्होंने विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगामी चुनावों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू नहीं किया गया तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।

