
अल्मोड़ा। पहाड़ में महिला स्वरोजगार और पारंपरिक हस्तशिल्प को नई पहचान दिलाने वाली धौलादेवी विकासखंड की युवा उद्यमी हर्षिता सुयाल बिष्ट को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मानित किया है। देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना चौपाल-2026’ कार्यक्रम में उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद हर्षिता ने निजी क्षेत्र में नौकरी करने के बजाय अपने गांव लौटकर स्वरोजगार की राह चुनी। उनका उद्देश्य केवल स्वयं रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि पहाड़ से पलायन रोकने और ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर सृजित करना रहा। हर्षिता के नेतृत्व में संचालित ‘जय मां कालिका स्वयं सहायता समूह’ के माध्यम से उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपन कला, स्थानीय जैविक उत्पादों और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जा रहा है। समूह द्वारा तैयार उत्पाद राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रदर्शनियों व मेलों तक पहुंच रहे हैं, जिससे जुड़ी अनेक ग्रामीण महिलाओं को नियमित आय का स्रोत मिला है। इसके अलावा भुला-भुली ग्रुप के माध्यम से भी महिलाओं और स्थानीय हस्तशिल्पियों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सम्मान प्राप्त करने के बाद हर्षिता सुयाल बिष्ट ने कहा कि यह सम्मान उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पहाड़ की उन सभी महिलाओं के संघर्ष और मेहनत का सम्मान है, जो गांव में रहकर आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा और राज्य सरकार के प्रोत्साहन से ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन, ग्राम्य विकास विभाग और अपनी पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।


