
हरिद्वार(आरएनएस)। चीनी के दाम बढ़ने का असर फूड इंडस्ट्री पर पड़ा है। जिले में बेकरी, बिस्किट, केक, पेस्ट्री और कोल्ड ड्रिंक समेत कई खाद्य उत्पादों की लागत में 10 फीसदी तक का इजाफा हो गया है। हालांकि अभी बड़ी कंपनियों और छोटे उद्यमियों ने उत्पादों के दाम नहीं बढ़ाए हैं। लेकिन बढ़ती लागत के चलते एक दो दिन में कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी है। उद्यमियों के अनुसार वह सात से 10 फीसदी के सीमित मार्जिन पर काम करते हैं। ऐसे में चीनी, मैदा, रिफाइंड, सरसों तेल, अंडे आदि की बढ़ी कीमत ने मुनाफा लगभग खत्म कर दिया है। जिले में करीब 250 छोटी बड़ी फूड इंडस्ट्री संचालित हैं। इनमें बेकरी और खाद्य उत्पाद बनाने वाली इकाइयों के अलावा बिस्किट, नमकीन, केक, पेस्ट्री, ब्रेड, कुकीज, टोस्ट, रस्क, मिठाई, कैंडी, चॉकलेट, आइसक्रीम और विभिन्न प्रकार के पेय पदार्थों का उत्पादन होता है। इन उत्पादों में चीनी प्रमुख तौर पर उपयोग होती है। विशेष रूप से केक, पेस्ट्री, बिस्किट, कुकीज, ब्रेड, रस्क और बेकरी की मिठी वस्तुओं में चीनी की खपत अधिक है। कोल्ड ड्रिंक और अन्य पेय पदार्थ बनाने वाली इकाइयों पर भी चीनी के दाम बढ़ाने का बड़ा असर पड़ा है। सॉफ्ट ड्रिंक, फ्लेवर्ड ड्रिंक, शरबत, जूस आधारित पेय और अन्य मीठे पेय पदार्थ तैयार करने में चीनी का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है।
इसके अलावा आइसक्रीम, मिठाई, जैम, सॉस और कन्फेक्शनरी उत्पादों की लागत भी चीनी महंगी होने से बढ़ी है। उद्यमियों के मुताबिक कच्चे माल की कीमत बढ़ने के बावजूद उत्पादों के दाम बढ़ाना आसान नहीं है। बाजार में ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ डालने से बचने के लिए अभी बढ़ी लागत का भार उद्योग खुद उठा रहा है। हालांकि उद्यमियों के अनुसार यह स्थिति लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल है। लगातार बढ़ी लागत के कारण उत्पादन करने में नुकसान उठाना पड़ रहा है।

