
ऋषिकेश। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा ने अक्तूबर में एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है। तीर्थनगरी ऋषिकेश से रोटेशन यात्रा समिति की औसतन 50 बसें श्रद्धालुओं को लेकर हर रोज यात्रा पर रवाना हो रही है। इस स्थिति में पुश बैक टू बाई टू 27 सीटर बसें कम पड़ने लगी हैं। रोटेशन सूत्रों की मानें तो एक दिन इंतजार के बाद यात्रियों को पुशबैक बस मिल रही है जबकि अन्य श्रेणी की बसें क्रमवार संचालित हो रही हैं। उधर, छोटे वाहनों की कमी के चलते मजबूरी में यात्री सामान्य बस में ही सफर कर रहे है। केदारनाथ धाम के कपाट 26 अक्तूबर भैया दूज के दिन और बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर और गंगोत्री धाम के 26 अक्तूबर और यमुनोत्री धाम के कपाट 27 अक्तूबर को बंद होंगे। यानी कि अब चारधाम यात्रा करीब सवा महीने ओर चलेगी। यात्रा के अंतिम चरण के चलते विजयदशमी के बाद से राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आंध्रा, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश आदि प्रदेशों से तीर्थयात्री बड़ी संख्या में यात्रा के प्रवेशद्वार तीर्थनगरी ऋषिकेश पहुंच रहे हैं। चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड में स्थित फोटो पंजीकरण केंद्र में पंजीकरण के बाद संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की बसों और परिवहन के अन्य माध्यम से अपनी इच्छा धाम के दर्शन को रवाना हो रहे हैं। चारधाम यात्रा के रफ्तार पकड़ने से बसों की कमी भी पड़ने लगी है। इन दिनों यात्रा में पुश बैक टू बाई टू 27 सीटर बस के लिए तीर्थयात्रियों को इंतजार करना पड़ रहा है। रोटेशन प्रभारी नवीन तिवारी ने बताया कि पुश बैक बस छोटी होने के कारण उसकी इस समय ज्यादा डिमांड है। करीब 450 पुश बैक हैं, जिसमें से ज्यादातर बसों के यात्रा में जाने से कमी पड़ रही है। एडवांस बुकिंग कराने वाले यात्रियों को पुशबैक उसी दिन मिल रही है। बिना बुकिंग के आने वाले श्रद्धालुओं को एक दिन इंतजार करना पड़ रहा है। उधर, छोटे वाहनों की भी यात्रा में कमी पड़ती दिख रही है। यात्री छोटे वाहन में ही सफर करना अधिक पसंद करते हैं। टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष विजयपाल सिंह ने बताया कि इन दिनों टैक्सी और जीप की डिमांड अधिक आ रही है। छोटे वाहन चारधाम यात्रा से लौटते ही तुरंत बुक हो रहे हैं।

