


बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने 1,100 रुपये प्रति यात्री शुल्क व्यवस्था स्थगित की, अगले वर्ष नई गाइडलाइन और पारदर्शी प्रक्रिया के साथ लागू करने की तैयारी
दूसरे चरण के लिए शुल्क व्यवस्था स्थगित
देहरादून। चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में वीआईपी अतिथियों के प्राथमिक दर्शन के लिए प्रस्तावित 1,100 रुपये प्रति यात्री शुल्क व्यवस्था फिलहाल लागू नहीं होगी। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने दूसरे चरण के लिए इस व्यवस्था को स्थगित कर दिया है। अब समिति इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन तैयार करेगी और अगले वर्ष स्पष्ट नियमों एवं पारदर्शी प्रक्रिया के साथ व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।
वीआईपी दर्शन के लिए बढ़ती रही अतिथियों की संख्या
चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शन के लिए आने वाले अतिथियों की संख्या लगातार बढ़ती रही है। सामान्य श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था प्रभावित न हो और प्राथमिक दर्शन की प्रक्रिया व्यवस्थित रहे, इसके लिए बीकेटीसी ने वीआईपी प्राथमिक दर्शन के लिए शुल्क निर्धारित किया था। हालांकि, दूसरे चरण में यह शुल्क व्यवस्था लागू नहीं की जाएगी।
प्राथमिक दर्शन से मंदिर समिति को मिला राजस्व
बीकेटीसी के अनुसार, प्रोटोकॉल के तहत आने वाले वीआईपी यात्रियों को पहले से प्राथमिक दर्शन की सुविधा दी जाती है। इस व्यवस्था से अब तक बदरीनाथ धाम में करीब 1.63 करोड़ रुपये और केदारनाथ धाम में करीब 67.37 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है। दोनों धामों में प्राथमिक दर्शन व्यवस्था से मंदिर समिति को उल्लेखनीय राजस्व मिला है।
अगले यात्रा सीजन में नियमबद्ध होगी व्यवस्था
बीकेटीसी अब अगले यात्रा सीजन से वीआईपी प्राथमिक दर्शन की व्यवस्था को नियमबद्ध करने पर जोर दे रही है। इसके तहत यह तय किया जाएगा कि किन श्रेणियों के लोगों को प्रोटोकॉल के तहत प्राथमिक दर्शन मिलेगा, किन लोगों पर शुल्क लागू होगा और पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित की जाएगी।
सामान्य श्रद्धालुओं की सुविधा भी चुनौती
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच वीआईपी दर्शन व्यवस्था लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। प्रोटोकॉल के तहत आने वाले अतिथियों को प्राथमिक दर्शन उपलब्ध कराने के साथ सामान्य श्रद्धालुओं को भी सुगम और व्यवस्थित दर्शन कराना मंदिर समिति और प्रशासन के लिए चुनौती है। ऐसे में अगले वर्ष प्रस्तावित नई गाइडलाइन महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पारदर्शी व्यवस्था बनाने पर जोर
नई व्यवस्था के तहत वीआईपी दर्शन को सामान्य श्रद्धालुओं की कतार और दर्शन समय को प्रभावित किए बिना संचालित करने पर जोर रहेगा। बीकेटीसी का दावा है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य दर्शन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना तथा सामान्य श्रद्धालुओं को अनावश्यक इंतजार से राहत दिलाना होगा।

