
कोटद्वार(आरएनएस)। पहाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और ग्राम्य संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित 17वें तीन दिवसीय चाई ग्रामोत्सव का सोमवार को रंगारंग शुभारंभ हुआ। जयहरीखाल ब्लॉक के ग्राम चाई में आयोजित उत्सव की शुरुआत देव पूजन, भव्य कलश यात्रा और ग्राम दर्शन के साथ हुई। ढोल-दमाऊं और मशकबीन की स्वर लहरियों पर ग्रामीणों की पारंपरिक लोकनृत्य की प्रस्तुतियों से हर तरफ उल्लास छा गया। ग्रामोत्सव का उद्घाटन नगर पंचायत सतपुली के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह चौहान ने किया। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी जगदंबा डंगवाल ने कहा कि पलायन की चुनौती के बीच प्रवासी समाज का अपने गांवों और संस्कृति से जुड़ना सकारात्मक संकेत है। उन्होंने चाई ग्रामोत्सव को पहाड़ की मूल पहचान को बचाने वाला जनआंदोलन बताया।
महासचिव संगीत बुड़ाकोटी ने आयोजन की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी। समिति की ओर से अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व निकाली गई भव्य कलश यात्रा और ग्राम देवताओं के पूजन में पूरे गांव ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। लंबे समय बाद गांव में बंद पड़े कई घरों के किवाड़ खुले नजर आए और पूरे क्षेत्र में उत्सव की रौनक देखने को मिली।
जगमोहन बुड़ाकोटी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अशोक बुड़ाकोटी, बीडीसी सदस्य मीनाक्षी बुड़ाकोटी, दीपक बुड़ाकोटी, सच्चिदानंद बुड़ाकोटी, संतोष बुड़ाकोटी, विकास बुड़ाकोटी, सागर बुड़ाकोटी मौजूद रहे। संचालन डॉ. पदमेश बुड़ाकोटी ने किया।
