Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • ब्लैक फंगस की दवाओं में किसी राज्य से नहीं किया भेदभाव : केंद्र
  • राष्ट्रीय

ब्लैक फंगस की दवाओं में किसी राज्य से नहीं किया भेदभाव : केंद्र

RNS INDIA NEWS 17/06/2021
rns featured image new

नई दिल्ली (आरएनएस)। केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) के इलाज के लिए फंगस रोधी दवाएं राज्यों को जरूरत के आधार पर आवंटित की गई हैं। केंद्र ने कहा कि इन दवाओं के आवंटन में सहित किसी भी राज्य से भेदभाव नहीं किया गया। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अनिल सिंह ने अदालत को बताया कि केंद्र नियमित रूप से महाराष्ट्र को फंगस रोधी दवाओं की आपूर्ति कर रहा है।
उन्होंने बताया कि म्यूकरमाइकोसिस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंफोटेरिसिन बी की आपूर्ति कम है, लेकिन केंद्र सरकार सभी राज्य सरकारों द्वारा की जा रही मांगों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सिंह ने कहा, देश में दवा की उपलब्धता और राज्यों की मांग के अनुरूप हम आवंटन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हम (भारत सरकार) दवा की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। कार्यबल का गठन किया गया है, उच्चतम न्यायालय भी निगरानी कर रहा है। अमेरिका की कंपनी से एंफोटेरिसिन बी के नवीनतम एवं प्रभावी दवा के आयात के लिए हमने छह दवा कंपनियों को लाइसेंस दिया है। सिंह अदालत के पहले के सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या महाराष्ट्र व अन्य राज्यों को ब्लैक फंगस रोधी दवा का आवंटन समान वितरण व्यवस्था पर आधारित है या नहीं। एएसजी ने कहा कि केंद्र महाराष्ट्र को रोजाना एंफोटेरिसिन बी की 15 हजार शीशियां दे रहा है, वहीं महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने कहा कि राज्य को वर्तमान में रोजाना 17,500 से अधिक शीशियों की जरूरत है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: प्रेमी ने की शादी, प्रेमिका ने उसके घर पर काटा हंगामा
Next: लक्ष्मेश्वर तिराहे के पास टूटी सड़क का विभाग ने काम किया शुरू, सभासद ने 2 माह पूर्व विभाग को किया था सूचित

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

भांजी से बात करने की खौफनाक सजा, मामाओं ने बीच सड़क पर युवक पर चढ़ा दी कार

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-13 at 18.54.51
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आईएमए की पासिंग आउट परेड संपन्न, 515 कैडेट बने सैन्य अधिकारी

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-12 at 21.33.22
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा का निधन, खेल जगत में शोक

RNS INDIA NEWS 12/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • ताकुला ब्लॉक की समस्याओं को लेकर प्रधान संगठन ने सौंपा ज्ञापन
  • कमला नेहरू पुरस्कार समारोह में 170 मेधावी विद्यार्थियों की माताएं सम्मानित
  • सोमेश्वर के दो बूथों पर गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा
  • बाड़ेछीना के पास खाई में गिरी बोलेरो, 11 लोग घायल
  • पर्यटन स्वरोजगार और होम स्टे योजनाओं के 42 आवेदन स्वीकृत
  • माहवारी स्वास्थ्य पर ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों से किया संवाद
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.