
रुद्रपुर(आरएनएस)। किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने राजस्व ग्रामों को मालिकाना हक देने के संबंध में प्रदेश सरकार के हालिया कैबिनेट फैसले को पक्षपातपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नैनीताल के बिन्दुखत्ता, देहरादून के बापूग्राम, ऊधमसिंह नगर के बग्गाचौवन समेत वन विभाग की आबादी वाले कुछ क्षेत्रों के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है, जबकि प्रदेश के कई अन्य गांवों को इससे बाहर रखा गया है। शनिवार को अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता में विधायक बेहड़ ने कहा कि प्रदेश में अनेक ऐसे गांव और आबादी वाले क्षेत्र हैं, जहां सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं और सरकार वहां विकास कार्य भी करा चुकी है। इनमें पंतनगर की संजय कॉलोनी, मस्जिद कॉलोनी, नगला खुरपिया फार्म, गूलरभोज का कोपा, मुनस्यारी, किच्छा का सूर्यनगर, नजीमाबाद, धौराडाम, कोर्ट खर्रा, जसपुर का डाम क्षेत्र, भूड़ा गौरी, चंदननगर और मोहन बोरिंग सहित कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने मांग की कि इन सभी क्षेत्रों के प्रस्ताव भी मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी में शामिल किए जाएं। यदि ऐसा संभव नहीं है तो कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में उपसमिति बनाकर इनके प्रस्ताव कमेटी को भेजे जाएं। बेहड़ ने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर कई गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों को बाहर रखा है, जिससे उसकी दोहरी नीति उजागर होती है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलने चाहिए। किच्छा विधानसभा के तुर्का गौरी, गौरी कला समेत कई गांव आज भी मालिकाना हक से वंचित हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह कई बार विधानसभा में मामला उठा चुके हैं तथा मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को भी पत्र भेज चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने सभी पात्र क्षेत्रों को शामिल नहीं किया तो वह यह मुद्दा विधानसभा में जोरदार ढंग से उठाएंगे।
वर्ग-4 की जमीनों की फाइलें धूल फांक रहीं
बेहड़ ने आरोप लगाया कि वर्ग-4 की जमीनों पर मालिकाना हक देने की फाइलें जिला प्रशासन में लंबित हैं और बिना रिश्वत के मामलों का निस्तारण नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि किसान यूरिया की कमी से जूझ रहे हैं और एक एकड़ भूमि पर केवल दो से तीन कट्टे यूरिया ही उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए भी किसानों को प्रशासन के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटरों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के बिजली बिल दो से तीन गुना तक बढ़ रहे हैं और पुलिस बल की मौजूदगी में लोगों पर दबाव बनाकर मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है।
