

17 दिन से लापता धीरेंद्र परिहार का गोमती नदी के पास मिला शव, सिर पर लोहे की रॉड से वार कर की गई थी हत्या; आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कार और लोहे की रॉड बरामद
बागेश्वर। 17 अक्टूबर से लापता अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार उर्फ कक्कू (35) की हत्या के मामले में बागेश्वर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में एक महिला और उसके भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर मंगलवार शाम गोमती नदी के पास से अधिवक्ता का शव सड़ी-गली अवस्था में बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, महिला ने लोहे की रॉड से अधिवक्ता के सिर पर दो वार किए थे। इसके बाद अपने भाई की मदद से शव को कार में ले जाकर नदी में फेंक दिया था।
पुलिस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता की मां नंदी परिहार ने 31 अक्टूबर को कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उनका पुत्र धीरेंद्र परिहार 17 अक्टूबर की शाम करीब छह बजे बागेश्वर बाजार जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर संख्या 79/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर सीओ बागेश्वर के निर्देशन और कोतवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने अधिवक्ता की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ मोबाइल सर्विलांस और तकनीकी विश्लेषण का सहारा लिया। जांच के दौरान पता चला कि लापता अधिवक्ता का अंतिम संपर्क नुमाईशखेत निवासी लता भंडारी के मोबाइल नंबर से हुआ था। पुलिस ने महिला से पूछताछ की तो शुरुआत में उसने मामले की जानकारी होने से इनकार किया।
इसी बीच 19 अक्टूबर की रात महिला की कार की आवाजाही सीसीटीवी फुटेज में सामने आई। इसके अलावा 2 नवंबर को नुमाईशखेत चिल्ड्रन पार्क के पास अधिवक्ता की जुपिटर स्कूटी भी बरामद हुई। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने महिला से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में लता भंडारी (42) ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात धीरेंद्र अत्यधिक शराब के नशे में उसके घर पहुंचा था और उसके साथ जोर-जबरदस्ती करने लगा। इसका विरोध करने पर गुस्से में उसने घर में रखी लोहे की रॉड से धीरेंद्र के सिर पर दो बार वार कर दिया। चोट लगने से वह वहीं गिर पड़ा। काफी देर तक होश नहीं आने पर महिला ने शव को चारपाई के नीचे छिपा दिया।
अगली सुबह महिला ने कठायतबाड़ा जाकर अपने भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू (39) को घटना की जानकारी दी। इसके बाद रात में त्रिभुवन अपनी बहन के घर पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने मिलकर शव को मैग्नाइट कार संख्या UK02B 3843 की पिछली सीट पर रखा और बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग पर थुनाई बैंड के पास से नीचे नदी में फेंक दिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और कार बरामद कर ली है। मामले में पहले दर्ज मुकदमे को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 और 61(2) के तहत तरमीम किया गया है। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक अनिल उपाध्याय ने अपने हाथ में ली है। पुलिस के अनुसार, बरामद शव का पंचायतनामा और पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।




