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सुविधाओं के अभाव में परवाणू मंडी की शुरुवात से आढ़ती व ग्रोवर निराश

RNS INDIA NEWS 13/07/2021
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आरएनएस सोलन (परवाणू):  टर्मिनल सेब मंडी में सेब की फसल का आगाज 4 जुलाई से शुरू हुआ व् धीरे-धीरे सेब की गाड़ियों, आढ़ती  व ग्रोवरों से मंडी में चहल पहल बढ़ने लगी है। वहीँ सुविधाओं की कमी के चलते आढ़ती, ग्रोवर  व मजदूर परेशान व नाखुश नज़र आ रहे हैं। मंडी में बिजली पानी के अलावा शौचालयों की सुविधा भी नहीं है, जिससे वहां आने वाले व्यापारियों व  खरीददारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

 यह जानकारी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव रांटा ने दी। उन्होंने बताया कि सेब सीजन शुरू हो चुका है परन्तु विभाग की ओर से मूलभूत सुविधाओं जैसे पानी, बिजली, और सबसे जरुरी शौचालय की सुविधा शुरू नहीं  की गई  है।
 उन्होंने कहा कि  हर वर्ष सेब मंडी में सेब सीजन के शुरू होने के बाद विभाग को बोलकर सुविधाएँ शुरू कराई जाती है। जबकि विभाग की ओर से यह सुविधाएँ सीजन से पहले ही दुरुस्त हो जानी चाहिए, ताकि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।  रांटा ने कहा कि शौचालयों के न होने से लोगों को यहाँ वहां शौच के लिए जाना पड़ता है। जिससे हिमाचल के खुले में शौच मुक्त हिमाचल के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा होता है तथा इससे बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारियों के सामने हिमाचल की छवि धूमिल हो रही है।

 इसके अलावा मजदूरों व् ग्रोवरों के रहने के लिए भी कोई प्रबंध विभाग की ओर से नहीं किये गए हैं , हालाँकि मजदूर शेड में सो जाते हैं परन्तु शेड के जगह जगह से टूटे होने के कारण शेड में पानी आ जाता है जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है।
इस बारे में परवाणू टर्मिनल मंडी के प्रभारी  राजेश शदैक ने कहा इस वर्ष फसल पिछले वर्ष से अधिक  है तथा पहले हफ्ते से ही सेब की अच्छी फसल मंडी में पहुंच रही है।  सुविधाओं के मामले हालाँकि हम पूरी तरह प्रयासरत हैं की किसी को कोई समस्या ना हो परन्तु मंडी में निर्माण कार्य के चलते इस बार आढ़तियों को थोड़ी बहुत असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है।  हम प्रयास करेंगे की कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाये, साथ ही पार्किंग के लिए भी जगह तैयार की है तथा लोडिंग अनलोडिंग ग्राउंड से ही की जाएगी।

नए शौचालय निर्माणाधीन हैं जिन्हे तैयार होने में थोड़ा समय लगेगा इस समस्या के लिए फिलहाल कुछ दिनों में अस्थायी शौचालय तैयार कर दिए जायेंगे।  इसके अलावा भी आढ़तियों से बातचीत कर बेहतर सुविधाएँ देने का प्रयास करेंगे।

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