
देहरादून(आरएनएस)। खुद को एंटी करप्शन टीम का प्रदेश प्रभारी बताकर बुजुर्ग को ब्लैकमेल कर उनसे 45 लाख रुपये की ठगी में जून से फरार चल रहे आरोपी को क्लेमनटाउन थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित था। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि बीते 20 जून को सोनम रावत पुत्री ज्ञान सिंह रावत निवासी सोसाइटी एरिया क्लेमनटाउन ने केस दर्ज कराया। कहा कि शादी के बाद वह दिल्ली में ससुराल में रहती हैं। कोविड काल 2021 में उसकी मां का देहांत हुआ था। आरोप है कि इसके बाद प्रशांत नाम का युवक उसके पिता के संपर्क में आया। उसने 90 हजार रुपये उधार लिए। पिता ने रकम वापस मांगी तो रकम चुकाने की बात कहते हुए अनजान जगह पर लेकर गए। आरोप है कि इस दौरान दो मुंह वाले सांप की तस्करी में फंसाने से जुड़ी वीडियो बना ली। इसके बाद ज्ञान सिंह को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। प्रशांत मंडल, हरिओम सिंह, संदीप अलग-अलग तरीके से ब्लैकमेल कर रकम लेने लगे। इनके झांसे में आकर बुजुर्ग ने कई लोन लेने के साथ ही अपना मकान भी गिरवी रख दिया। बुजुर्ग से आरोपियों को करीब 45 लाख रुपये ब्लैकमेल डर से चुका दिए थे। आरोपी प्रशांत मंडल ने खुद को एंटी करेप्शन ब्यूरो का प्रदेश प्रभारी बताया। पुलिस ने जांच शुरू की तो प्रशांत फरार हो गया। उसके घर पर कुर्की की कार्रवाई शुरू की गई। वहीं गिरफ्तारी पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। इस बीच आरोपी की लोकेशन ऊधमसिंहनगर में मिली। एसओ क्लेमनटाउन शिशुपाल राणा ने थाने से वहां टीम भेजी। आरोपी प्रशांत (33) प्रशांत मंडल पुत्र रवींद्रनाथ मंडल निवासी चंद्रबनी चोयला को ऊधमसिंहनगर जिले के कालीनगर थाना दिनेशपुर से गुरुवार रात को गिरफ्तार किया गया। वहां से गिरफ्तार कर आरोपी को दून लाया गया।

