
अल्मोड़ा। लंबे समय से लंबित मांगों के पूरा न होने से राजकीय डिप्लोमा इंजीनियर्स में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के द्वितीय चरण के आंदोलन के तहत शाखा अल्मोड़ा द्वारा शक्ति सदन में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई।
हड़ताल कार्यक्रम के तहत आयोजित बैठक की अध्यक्षता सहायक अभियंता पुनीता रानी ने की। इस दौरान महासंघ की 27 सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग उठाई गई। प्रमुख मांगों में 10 वर्ष में प्रथम एसीपी के रूप में 5400 ग्रेड पे, 2006 से चली आ रही कनिष्ठ अभियंता पद की वेतन विसंगति को दूर करना, पूर्व व्यवस्था के अनुसार 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर क्रमशः 5400, 6600 और 8700 ग्रेड पे प्रदान करना, जल निगम और जल संस्थान का एकीकरण, सहायक अभियंता से उच्च पदों पर पदोन्नति के लिए समानांतर व्यवस्था लागू करना तथा पुरानी पेंशन योजना लागू करना शामिल है।
बैठक में मौजूद इंजीनियर्स ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रखी जाएगी। आंदोलन को लेकर कर्मचारियों में एकजुटता भी दिखाई दी।
बैठक में मंडल सचिव कुमाऊं दीपक मटियाली, कुमाऊं मंडल महामंत्री लोनिवि हिमांशु जोशी, शाखा अध्यक्ष पूरन रावत, शाखा सचिव हितांशी नैलवाल, जनपद अध्यक्ष लोनिवि गणेश जोशी, जनपद अध्यक्ष सिंचाई विभाग जीवेश वर्मा, के जी गोस्वामी, आलोक ओली, रवि दानी, मनीष कुमार, विपिन चंद्र तिवारी, विशाखा पंत, ललिता पनेरु दानी, स्वाती पटवाल, दिव्या बिष्ट, तनुजा राणा गैड़ा, प्रदीप जोशी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।


