
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में एशियन डेवलपमेंट बैंक और राज्य सरकार के विभिन्न निर्माण संबंधी विभागों के बीच बैठक आयोजित हुई, जिसमें प्रदेश में चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में विभागों द्वारा अपने प्रमुख प्रोजेक्ट्स का प्रस्तुतीकरण किया गया। मुख्य सचिव ने एडीबी अधिकारियों से प्रदेश में कौशल विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर विशेष ध्यान देने का अनुरोध करते हुए प्रत्येक जनपद में कम से कम एक मॉडल स्किल सेंटर स्थापित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में प्रशिक्षण के साथ प्रमाणन और शत-प्रतिशत प्लेसमेंट पर फोकस किया जाएगा, जिसके लिए समग्र योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग से संबंधित पुल निर्माण और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के उपचार कार्यों के लिए एडीबी से वित्तपोषण हेतु प्रस्ताव भेजने को कहा। इसके अलावा टिहरी झील रिंग रोड परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर एडीबी से वित्तपोषित कराने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने उद्यान विभाग की योजनाओं, शहरी गतिशीलता और शहरी नियोजन से जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी एडीबी के तहत शामिल करने की बात कही। साथ ही ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड टाउनशिप विकास परियोजनाएं तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपनी योजनाओं की प्राथमिकता तय करते हुए चरणबद्ध तरीके से प्रस्ताव तैयार कर एडीबी को भेजने को कहा।
एडीबी की कंट्री डायरेक्टर मियो ओका ने राज्य में चल रहे प्रोजेक्ट्स की सराहना करते हुए नए प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, दिलीप जावलकर और एडीबी के अशोक श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


