
पौड़ी(आरएनएस)। जिला मुख्यालय समेत पाबौ व थलीसैंण क्षेत्र में बृहस्पतिवार देर रात आई आंधी व बारिश से जहां गर्मी की तपिश राहत दे गई वहीं इससे कई जगहों पर बिजली की लाइनें टूट गईं व आपूति बाधित रही तो कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए। हालांकि विभागीय टीमों की तेजी से लाइनों की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। वहीं झमाझम हुई बारिश से जंगलों की आग भी बुझ गई है। जिला मुख्यालय स्थित जिला पंचायत अध्यक्ष के आवास पर आंधी से पेड़ जड़ से उखड़ गया। इस कारण सुबह कंडोलिया- छतरीधार मोटर मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। साथ ही पेड़ गिरने से 11 केवी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे मुख्य कोषागार, पर्यटन व परिवहन विभाग सहित आसपास के क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई। नैनीडांडा में 33 केवी लाइन क्षतिग्रस्त होने से मस्टखाल क्षेत्र व थलीसैंण के चाकीसैंण बाजार, तहसील और आसपास के गांव प्रभावित रहे। ऊर्जा निगम के एसडीओ गोविंद रावत ने बताया कि मरम्मत कार्य के बाद आपूर्ति सुचारु कर दी गई।
जलते जंगलों के लिए अमृत बनी बारिश: पौड़ी जिले के विभिन्न वन प्रभागों में लगातार वनाग्नि की विकराल घटनाओं पर बारिश ने फिलहाल अंकुश लगा दिया है। बारिश के बाद वन विभाग ने भी राहत की सांस ली। विभाग के अनुसार बीते बृहस्पतिवार तक जिले में 74 वनाग्नि की घटनाओं में 117.75 हेक्टेअर में जंगल जले और 3.07 लाख का नुकसान हुआ। गढ़वाल वन प्रभाग में अभी तक सर्वाधिक 42 घटनाओं में 85 हेक्टेअर, सिविल सोयम वन प्रभाग में 29 घटनाएं व 30.9 हेक्टेअर, लैंसडोन वन प्रभाग में तीन घटनाओं में 1.35 हेक्टेअर जंगल जले।

