
देहरादून। इस बार दून और मसूरी में नए साल का जश्न फीका रह सकता है। इस बार आबकारी विभाग रेस्टोरेंट व होटलों को वन डे बार का लाइसेंस नहीं देगा। वन डे बार की अनुमति केवल बैंक्वेट हाल और वेडिंग प्वाइंटों को दी जाएगी। दून व मसूरी में हर साल बड़ी संख्या में रेस्टोरेंट व होटल नए साल की पार्टियों का आयोजन करते हैं। जिनमें ग्राहकों को शराब परोसने के लिए वन डे बार लाइसेंस लिया जाता था। लेकिन इस बार आबकारी विभाग ने रेस्टोरेंट या होटलों को वन डे बार का लाइसेंस देने से मना कर दिया। हालांकि ज्यादातर बड़े होटलों के पास तो बार का स्थायी लाइसेंस है। लेकिन ज्यादातर रेस्टोरेंटों के पास बार लाइसेंस नहीं है। ऐसे में उनमें नए साल का जश्न होना मुश्किल है। उधर बैंक्वेट हाल और वेडिंग प्वाइंटों में जगह ज्यादा होने के कारण उन्हें ही वन डे बार लाइसेंस दिया जाएगा। जिसमें वे नए साल की पार्टियों का आयोजन कर सकते हैं। इसके लिए आनलाइन आवेदन भी आबकारी विभाग की साइट पर शुरू हो गए हैं। वहीं तमाम रेस्टोरेंट संचालक वन डे बार लाइसेंस की कोशिश में आबकारी मुख्यालय और जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। जिला आबकारी अधिकारी राजीव चौहान का कहना है कि वन डे बार लाइसेंस केवल वेडिंग प्वाइंट या बैंक्वेट हाल को दिए जाएंगे। इसके लिए वे आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। रेस्टोरेंटों को वन डे बार लाइसेंस नहीं मिलेंगें। वहीं नए साल में बिना लाइसेंस शराब परोसने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसकी चेकिंग के लिए विशेष टीमें तैनात की जाएंगी।
जश्न पर रहेगी पुलिस की नजर : नए साल का जश्न पुलिस के पहरे में मनेगा। पुलिस की होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट पर कड़ी नजर रहेगी। वहीं कोविड गाइडलाइन का पालन पुलिस द्वारा कराया जाएगा। सोमवार को डीआईजी गढ़वाल करन सिंह नगन्याल ने जिलों के कप्तानों को दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि नए साल की पूर्व संध्या एवं नव वर्ष पर दिन एवं रात में जिन जगहों पर कार्यक्रम-पार्टी का आयोजन किया जा रहा हो, वहां पर कानून व्यवस्था के लिए फोर्स तैनात किया जाए। इन प्रतिष्ठानों में व्यापक चैकिंग, पिकेट, गश्त ड्यूटी लगाई जाएं। इन स्थानों पर शराब, नशीले पदार्थों का सेवन करने पर कार्रवाई की जाएं। जनपदों के व्यस्तम सड़क मार्गों, चौराहों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों को चिह्नित कर व्यापक ट्रैफिक प्लान एवं पार्किंग की व्यवस्था की जाए। पूर्व संध्या पर आतिशबाजी पर विशेष फोकस रखा जाए। कोर्ट के आदेशों के क्रम में ही आतिशबाजी करने दी जाए। कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जारी कोविड गाइडलाइन एवं संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी एसओपी का भी कड़ाई से पालन कराया जाए।
