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  • हरिद्वार

विषमुक्त खेती जीवन का आधार हैः आचार्य बालकृष्ण

RNS INDIA NEWS 10/02/2023
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हरिद्वार। पतंजलि विवि सभागार में जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र, गाजियाबाद एवं पतंजलि जैविक अनुसन्धान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान से हुआ। जिसमें जिले के विभिन्न गांवों से लगभग 500 किसानों ने भाग लिया।
इस अवसर पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने अपने संबोधन में बताया कि विषमुक्त खेती जीवन का आधार है। उन्होंने इससे होने वाले फायदों और विषमुक्त अनाज की उपयोगिता के महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने जिले एवं राज्य के सभी किसानों को आवाह्न किया कि वह कम से कम अपने खाने के लिए विषमुक्त खेती करें, जिससे खेती की लागत में कमी आए तथा उनके परिवार पर होने वाले स्वास्थ्य खर्च में भी कमी आए।
राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र, गाजियाबाद के निदेशक डॉ. गगनेश शर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने के साथ-साथ किसानों को गुणवत्तायुक्त उत्पादन के लिए जैविक प्रमाणीकरण करवाना भी आवश्यक है। जिससे उन्हें जैविक एवं प्राकृतिक उपज का सही बाजार मूल्य मिल सके। एनसीओएनएफ निदेशक डॉ. एमके पालीवाल ने अपने संबोधन में जैविक एवं प्राकृतिक आदानों के महत्व एवं खेती में इनकी उपयोगिता के बारे में बताया। पीजीएस प्रमाणन और विपणन संबंधित जैविक खेती पोर्टल की जानकारी डॉ. सचिन वैद्य ने किसानों को दी। इसी क्रम में जैविक उत्तराखंड संयुक्त निदेशक एके उपाध्याय ने अपने संबोधन में विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी किसानों के साथ सांझा की। इस अवसर पर सहारनपुर के प्रगतिशील किसान गोपाल शर्मा ने वर्मी कम्पोस्ट, जैविक एवं प्राकृतिक उर्वरकों के उत्पादन के लिए आसपास की गोशालाओं से लाभों के बारे में बताया। हितेश चौधरी, खिलाराम आर्य, जय प्रकाश धीमान, संजय कुमार एवं अनिल पाण्डेय ने अपने अनुभव सांझा किए। डॉ. वीवाई देवघरे ने कार्यक्रम के अंत में उपस्थिति सभी प्रियजनों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर विभिन्न प्रदर्शनियां भी लगाई गई जिनकी जानकारी तरुण शर्मा, डॉ. आरके शुक्ला, शिवम् कुमार, अन्जय कुमार, पंकज स्वदेशी ने दी। अंत में किसानों को वर्मी कम्पोस्ट भी वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन पतंजलि जैविक अनुसन्धान संस्थान के महाप्रबंधक पवन ने किया।

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