Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • शहीद खड़ग बहादुर बिष्ट का स्मारक बनाने की मांग
  • देहरादून

शहीद खड़ग बहादुर बिष्ट का स्मारक बनाने की मांग

RNS INDIA NEWS 27/04/2022
rns featured image new

देहरादून। जनकवि डा. अतुल शर्मा ने दून में डांडी यात्रा निकालकर नमक कानून तोड़ने वाले अभियान का नेतृत्व करने वाले स्वाधीनता सेनानी शहीद खड्ग बहादुर बिष्ट का स्मारक बनाने की मांग की है। खड्क बहादुर बिष्ट ने दून स्थित नून नदी में बहुत से स्वाधीनता सेनानियों के साथ मिलकर नमक बनाया था।
डा. शर्मा के मुताबिक खडग बहादुर के जीवन की एक घटना ने उनके जीवन को बदल दिया। यह उल्लेख भक्तदर्शन की पुस्तक गढवाल की दिवंगत विभूतियों में भी है। स्वाधीनता सेनानी कवि श्रीराम शर्मा प्रेम ने साप्ताहिक हिंदुस्तान में इस घटना पर लेख भी लिखा था। जिसके मुताबिक कोलकाता के सेठ हीरा लाल अनाचार करने पर खड्ग बहादुर ने कोलकाता जाकर अपनी खुखरी से सेठ की गर्दन उड़ा दी। उन्होंने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। उन्हें सजा हुई। लोगों ने दबाव डाला तो कुछ सजा भुगतने के बाद उन्हे रिहा कर दिया गया। वे देहरादून स्थित आठ नम्बर ग्रांट (अब नेहरूग्राम) के निवासी थे। यहां से उन्होंने गांधी जी को अपने खून से एक पत्र लिखा कि वे डांडी मार्च मे शामिल होना चाहते हैं, पर उन्हे खुखरी चलानी आती है चर्खा चलाना नहीं। गांधी जी ने उन्हे डांडी यात्रा में शामिल होने के लिये बुला लिया। इसके बाद वे स्वाधीनता संग्राम में कूद पडे। बहुत बार जेल गये। अरुणा आसाफ अली के साथ भी रहे। नेहरूग्राम में उनके नाम की सड़क है। उनके नाम से दून में फुटबाल टूर्नामेंट भी होता है। लेकिन उनका दून में कोई स्मारक नहीं है। अनेक इतिहासकारों ने उन पर लिखा है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: मास्टर्स गेम्स फेडरेशन ने रेखा आर्य से मांगी मदद
Next: केंद्रीय वन मंत्री गुरुवार को पहुंचेंगे दून, नई फारेस्ट पालिसी पर करेंगे चर्चा

Related Post

rns featured image new
  • देहरादून

शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर 1.17 लाख की ठगी

RNS INDIA NEWS 21/06/2026 0
rns featured image new
  • देहरादून

शिरगूल देवता के दर्शनों के लिए उमड़े श्रद्धालु

RNS INDIA NEWS 21/06/2026 0
rns featured image new
  • देहरादून

सैलानियों से गुलजार हुआ चकराता, पर्यटन कारोबार में आई रौनक

RNS INDIA NEWS 21/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • अनियितताएं मिलने पर मेडिकल स्टोर संचालकों से मांगा स्पष्टीकरण
  • दर्ज़ामंत्री गोविंद सिंह पिलख्वाल ने सुनीं ताम्र शिल्पकारों की समस्याएं
  • कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने किया कठपुड़िया-कलोड़िया मोटर मार्ग का शिलान्यास
  • दौलाघाट में स्वास्थ्य शिविर में 300 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण
  • अल्मोड़ा में हॉफ मैराथन आयोजन का प्रस्ताव, युवाओं को खेलों से जोड़ने पर जोर
  • मुख्यमंत्री का जनसंपर्क अभियान और शहीदों के प्रति सम्मान प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत : महेश नयाल
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.