
विकासनगर(आरएनएस)। तहसील क्षेत्र के पुरटाड़ गांव से शिरगूल महाराज देवता ने रविवार को एक वर्ष के प्रवास बरवांश पूजन के बाद अगले पड़ाव खत शिलगां के ऐठान गांव के लिए प्रस्थान किया। बीते साल बैसाख माह में शिरगूल महाराज खत शिलगाव के छजाड गांव से बरवांश पूजन के लिए पुरटाड पधारे थे।पूरटाड गांव में ग्रामीणों ने देवता का बरवाश पूजन प्रवास सफलता पूर्वक सम्पन्न कराया। गांव में शिरगूल महाराज के विराजमान होने से माहौल भक्तिमय बना रहा। देव बरवांश के दौरान गांव में दीवाली और बिस्सू मेला बड़े हर्षोल्लास व उत्साह से मनया गया था। रविवार को गांव से देवता की विदाई होते ही ग्रामीणो की आखें भी नम हो गई। साल भर तक देवता का पूजन करने वाले महिला, पुरुषों और देव कारिंदों ने देवता को भावभीनी और श्रद्धापूर्वक विदाई दी। उधर, खत शिलगांव के ऐठान गांव में शिरगूल देवता का नया मन्दिर बनाया गया 24 जून को नए मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। अगले दिन 25 जून को देवता एक साल के बरवांश पूजन के लिए मंदिर में विराजमान होंगे। रविवार को दोपहर 12 बजे पुरटाड़ के मंदिर से देव पालकी बाहर निकली। मंदिर परिसर में देव दर्शन के लिए सुबह से श्रद्धालुओं का जुटना शुरु हो गया था। ऐठान गांव से भी बड़ संख्या में ग्रामीण देवता की आगवानी के लिए पहुंचे हुए थे। श्रद्धालुओं ने देव पालकी के दर्शन कर और पालकी को कांधा लगाकर सुख समृद्धि की मन्नत मांगी। इस दौरान देवता के बजीर मेजर सिंह, रमेश चौहान, जयेंद्र सिंह चौहान, महेंद्र सिंह, भागी राम डोभाल, इंद्र राम डोभाल, जोत राम, जयलाल, दौलत राम, जीतराम, दिनेश, शुभम, जगत राम, अभिराम, ललित आदि मौजूद रहे।

