Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • कोरोना काल में अनाथ हुए 399 बच्चों का पता लगा
  • देहरादून

कोरोना काल में अनाथ हुए 399 बच्चों का पता लगा

RNS INDIA NEWS 05/06/2021
rns featured image new

देहरादून। कोरोना काल में अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों का आंकड़ा जुटाना राज्य सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है. ऐसे में विभिन्न संबंधित विभागों की मदद से ऐसे बच्चों का आंकड़ा जुटाने का प्रयास किया जा रहा है. बात नेशनल कमीशन फॉर प्रोटक्शन आफ चाइल्ड राइट्स की करें तो कमीशन की ओर से प्रदेश के सभी 13 जनपद से कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों का आंकड़ा जुटाया गया है. इसमें 211 अनाथ बालक सामने आए हैं. वही बालिकाओं की संख्या 188 है. इस तरह अब तक कोरोना काल में अनाथ हुए 399 बच्चों का पता लगाया जा चुका है.
एनसीपीसीआर के इन आंकड़ों पर गौर करें तो कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों की सबसे अधिक संख्या हरिद्वार में मिली है. यहां 131 बच्चे अनाथ हुए हैं. इसके अलावा दूसरे स्थान पर 60 अनाथ बच्चों की संख्या के साथ जनपद देहरादून का नाम है. वहीं तीसरे स्थान पर जनपद टिहरी का नाम आता है जहां से एनसीपीसीआर को कोरोनाकाल में अनाथ हुए 49 बच्चों का पता चला है.
गौरतलब है कि सूबे की तीरथ सिंह रावत सरकार की ओर से कुछ दिन पूर्व ही कोरोनाकाल में अनाथ हुए बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वात्सल्य योजना का एलान किया जा चुका है. इस योजना का अभी तक जीओ जारी नहीं हुआ है, लेकिन इस योजना के तहत सरकार कोरोनाकाल में अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के साथ ही उनके शिक्षा का खर्च भी उठाएगी. मगर इस योजना का लाभ हर जरूरतमंद बच्चे तक पहुंचे इसके लिए जरूरी है कि सरकार के पास कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों का सही आंकड़ा हो. जिसे जुटाने के लिए कोशिश की जा रही है.देहरादून: कोरोना काल में अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों का आंकड़ा जुटाना राज्य सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है. ऐसे में विभिन्न संबंधित विभागों की मदद से ऐसे बच्चों का आंकड़ा जुटाने का प्रयास किया जा रहा है. बात नेशनल कमीशन फॉर प्रोटक्शन आफ चाइल्ड राइट्स (हृष्टक्कष्टक्र) की करें तो कमीशन की ओर से प्रदेश के सभी 13 जनपद से कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों का आंकड़ा जुटाया गया है. इसमें 211 अनाथ बालक सामने आए हैं. वही बालिकाओं की संख्या 188 है. इस तरह अब तक कोरोना काल में अनाथ हुए 399 बच्चों का पता लगाया जा चुका है.

शेयर करें..

Post navigation

Previous: कार और मारूति वैन की टक्कर में तीन घायल
Next: विश्व में कोरोना संक्रमितों की संख्या 17.20 करोड़ के पार

Related Post

rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

मुख्यमंत्री ने बालिकाओं के साथ प्रधानमंत्री के मन की बात के 134 वें संस्करण को सुना

RNS INDIA NEWS 31/05/2026 0
rns featured image new
  • देहरादून

ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 42 वाहनों के चालान और 10 सीज

RNS INDIA NEWS 30/05/2026 0
rns featured image new
  • देहरादून

रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री चौधरी और अध्यक्ष पपनै बने

RNS INDIA NEWS 30/05/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 01 जून
  • घरेलू हिंसा के मामले की सुनवाई को पंहुची महिला से पति ने की अभद्रता
  • तीन दिन से लापता सिडकुल कर्मी का शव पेड़ से लटका मिला
  • मां-बेटे पर हमला, आठ लोगों पर केस दर्ज
  • अहिल्याबाई ने समाज सेवा की ऐसी मिसाल कायम की: हरीश रावत
  • पानी निकासी के विवाद में पड़ोसियों के बीच मारपीट, सात पर केस
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.