

ऋषिकेश(आरएनएस)। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उत्तराखंड के लोगों को कथित तौर पर ‘घुसपैठिया’ कहे जाने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार में सनातन धर्म विकास परिषद के अध्यक्ष स्वामी रसिक महाराज ने आपत्ति जतायी है। उन्होंने अखिलेश यादव से सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। उत्तर प्रदेश सरकार में सनातन धर्म विकास परिषद के अध्यक्ष नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने उत्तराखंड के लोगों ने अपने राज्य के निर्माण के लिए लंबा संघर्ष किया है। इस आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों को जिन कठिनाइयों और कथित अत्याचारों का सामना करना पड़ा, उन्हें भुलाया नहीं जा सकता।उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को अपने पिता एवं उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में उत्तराखंड आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को भी याद करना चाहिए। कहा कि वह स्वयं भी उत्तराखंड आंदोलनकारी रहे हैं और आंदोलन के संघर्ष, पीड़ा तथा राज्य निर्माण के पीछे की भावनाओं को भली-भांति समझते हैं। ऐसे में उत्तराखंड के लोगों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करना अत्यंत निंदनीय है। उत्तराखंड के निवासी देश की एकता, संस्कृति, सुरक्षा और राष्ट्रसेवा में महत्वपूर्ण योगदान देते आए हैं। उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी टिप्पणी को उचित नहीं ठहराया जा सकता। कहा कि सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को सार्वजनिक बयान देते समय प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।




