
उत्तरकाशी(आरएनएस)। मोरी और भटवाड़ी क्षेत्र में भालुओं की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीण और बागवान परेशान हैं। गोविंद पशु विहार एवं राष्ट्रीय उद्यान की रूपिन रेंज के मसरी, भीतरी और सदना तोक में भालू सेब के बागानों में घुसकर पेड़ों की टहनियां तोड़ने के साथ तैयार फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं भटवाड़ी के नटीण गांव में भालू के हमले में वन विभाग का दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी मंगल सिंह पोखरियाल गंभीर रूप से घायल हो गया। बागवानों के अनुसार सेब सीजन के दौरान हर वर्ष भालुओं की सक्रियता बढ़ जाती है। कई बार मांग के बावजूद बागानों की स्थायी घेरबाड़ नहीं हो पाई है। काश्तकारों ने प्रभावित बागानों का स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराने, नियमानुसार मुआवजा देने और संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। गोविंद पशु विहार की उप निदेशक निधि सेमवाल ने बताया कि भालुओं से फसल और सेब उद्यानों को होने वाले नुकसान के मुआवजे से संबंधित नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भेजा गया है। भालुओं को बागानों से दूर रखने के लिए हर वर्ष सोलर और अन्य निर्धारित उपकरण भी लगाए जाते हैं। इधर, नटीण में करीब 55 वर्षीय मंगल सिंह नर्सरी में काम करने जा रहे थे, तभी रास्ते में भालू ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर भालू को भगाया और घायल को भटवाड़ी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल उत्तरकाशी रेफर किया गया। बताया गया कि मंगल सिंह पर पहले भी भालू हमला कर चुका है। लगातार हो रही घटनाओं से क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर चिंता बढ़ गई है।

