
अल्मोड़ा। बीएससी नर्सिंग छात्रों के अनिवार्य इंटर्नशिप स्टाइपेंड की मांग को लेकर सोमवार को नर्सिंग छात्रों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। छात्र गांधी पार्क में एकत्र हुए और प्रदर्शन के बाद चौघानपाटा से शिखर तिराहे तक रैली निकाली। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने स्टाइपेंड की मांग को लेकर नारेबाजी की। नर्सिंग छात्रों का कहना है कि स्टाइपेंड की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। फरवरी 2024 में शासन स्तर पर नर्सिंग इंटर्न को स्टाइपेंड देने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आई थी। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर नर्सिंग कॉलेजों से इंटर्न छात्रों का डाटा भी मांगा गया था, लेकिन छात्रों के अनुसार इसके बाद भी स्टाइपेंड को लेकर निर्णय नहीं हो सका। छात्र 13,150 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड की मांग केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के 6 जुलाई 2022 के आदेश के संदर्भ में कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार इस आदेश के आधार पर एम्स नई दिल्ली में बीएससी नर्सिंग छात्रों के छह माह के इंटर्नशिप स्टाइपेंड को 500 रुपये से बढ़ाकर 13,150 रुपये प्रतिमाह किया गया था। इसी आधार को लेकर उत्तराखंड के नर्सिंग छात्र भी समान स्टाइपेंड की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पतालों में नियमित सेवाओं और मरीजों की देखभाल से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड का मुद्दा आर्थिक सहायता के साथ सम्मान से भी जुड़ा है। छात्रों ने कहा कि तीन साल से मांग उठाए जाने और पूर्व में मिले आश्वासन के बावजूद निर्णय नहीं होने के कारण अब उन्होंने विरोध का चरण तेज किया है। प्रदर्शन में गर्विता तिवारी, निर्मला महर, नेहा चिनवान, दीक्षा उन्युनी, वैशाली गुसाई, हर्षिता श्यालाकोटी, सपना आर्या, निशिका जलाल, वैशाली कापड़ी, नेहा जुयाल, कनिष्का कोहली, मिताली आर्या सहित बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। छात्रों ने कहा कि अब आश्वासन के बजाय स्टाइपेंड को लेकर शासन स्तर से आदेश जारी किया जाना चाहिए।

