

अल्मोड़ा। सोशल मीडिया पर हेलीकॉप्टर क्रैश होने का फेक एआई जनरेटेड वीडियो अपलोड कर भ्रामक खबर फैलाने के मामले में अल्मोड़ा पुलिस ने संज्ञान लेते हुए संबंधित नाबालिग के परिजनों को बुलाकर समझाइश दी। पुलिस के अनुसार, दो नवंबर को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक आईडी के माध्यम से हेलीकॉप्टर क्रैश होने का फेक एआई जनरेटेड वीडियो अपलोड किया गया था। इससे आमजन में भ्रम फैलने की आशंका थी। मामले का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके के निर्देश पर थानाध्यक्ष लमगड़ा प्रमोद पाठक के नेतृत्व में प्रभारी चौकी मोरनौला उपनिरीक्षक नरेश कोहली ने संबंधित सोशल मीडिया आईडी के यूजर की जानकारी जुटाई। जांच में यूजर के नाबालिग होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने छह नवंबर को नाबालिग के परिजनों को चौकी मोरनौला बुलाया और सोशल मीडिया पर इस प्रकार की भ्रामक एवं फेक एआई वीडियो अपलोड करने के संबंध में समझाया। पुलिस ने भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करने की हिदायत दी। परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और बच्चे की गतिविधियों एवं सोशल मीडिया उपयोग पर निगरानी रखने तथा ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने देने का आश्वासन दिया। अल्मोड़ा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या खबर को बिना सत्यता जांचे साझा न करें। पुलिस ने एआई तकनीक से तैयार फेक वीडियो और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने तथा सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है।





