
हरिद्वार (आरएनएस)। निठारी कांड में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में हुई मौत को लेकर परिजनों ने सवाल उठाए हैं। शनिवार को उसके तीन भाई चंदन, हरीश और आनंद हरिद्वार जिला अस्पताल पहुंचे। सुरेंद्र कोली का बेटा शिवम, अल्मोड़ा से पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत और गांव के अन्य लोग भी उनके साथ मौजूद रहे। परिजनों ने मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर उठाए सवाल
जिला अस्पताल में सुरेंद्र कोली के बेटे शिवम और भाइयों ने कहा कि वह लंबे समय तक जेल में रहा था और बाहर आने के बाद सामान्य जीवन जी रहा था। ऐसे में अचानक उसकी मौत होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों का कहना था कि यदि उसे आत्महत्या करनी होती तो वह जेल में भी ऐसा कर सकता था। गांव के लोगों ने भी मौत की परिस्थितियों की जांच की मांग की है।
पुलिस सभी पहलुओं से कर रही जांच
परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ था। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि शव का चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा और मौत के कारणों से जुड़े तथ्यों की जांच की जाएगी।
चाय के खोखे में फंदे से लटका मिला था शव
शुक्रवार को उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में लाल माता मंदिर के सामने स्थित चाय के खोखे में सुरेंद्र कोली का शव फंदे से लटका मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा था। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करने के साथ आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई थी।


