


अल्मोड़ा। गुरु उदय शंकर की कलात्मक विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से सात दिवसीय रंगमंच एवं फिल्म निर्माण कार्यशाला सोमवार को उदय शंकर नाट्य अकादमी, अल्मोड़ा में शुरू हुई। पं. गोविंद बल्लभ पंत राजकीय संग्रहालय और संस्कृति विभाग, उत्तराखंड की ओर से आयोजित कार्यशाला में 40 प्रतिभागियों को रंगमंच और फिल्म निर्माण की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर पं. गोविंद बल्लभ पंत राजकीय संग्रहालय की निदेशक जयन्ती खाती, वरिष्ठ अभिनेता एवं दून विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर कैलाश कांडवाल, एनएसडी के पूर्व छात्र शुभम शर्मा, अभिनेता-निर्देशक अभिषेक डोभाल, कार्यक्रम क्यूरेटर एवं गायक हिमांशु धरमोरा, भातखंडे संगीत महाविद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य चंचल तिवारी, डॉ. सीएस चौहान, जनमेजय तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मीता उपाध्याय ने किया। सात दिनों तक प्रतिभागियों को रंगमंच तकनीक, अभिनय, दृश्य-रचना, चरित्र निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, कैमरा, फिल्म निर्माण और डॉक्यूमेंट्री निर्माण की बारीकियां सिखाई जाएंगी। कार्यशाला में कैलाश कांडवाल, शुभम शर्मा और अभिषेक डोभाल प्रशिक्षक के रूप में प्रशिक्षण देंगे। आयोजकों के अनुसार कार्यशाला का उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्र के युवाओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा विकसित करने के लिए प्रशिक्षण और मंच उपलब्ध कराना है। साथ ही गुरु उदय शंकर की कलात्मक दृष्टि को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और वर्ष 1938 में उनके द्वारा स्थापित ऐतिहासिक अकादमी को निरंतर कला-शिक्षण एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के सक्रिय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है। कार्यशाला का समापन 20 सितंबर को दोपहर दो बजे उदय शंकर नाट्य अकादमी में सांस्कृतिक समारोह के साथ होगा। इस अवसर पर यूसुफ तिवारी, दीपा गुप्ता, मनोज गुप्ता, रविन्द्र बिष्ट, ममता जीना, राजेंद्र नयाल, हरिंदर नेगी, सूरज सिरारी, रविन्द्र अधिकारी, सुंदर लाल, प्रमोद कुमार, विमला सहित अन्य सहयोगी मौजूद रहे।

