
नया भवन बनने तक एफसीआई में संचालित होगा शिक्षण कार्य
अभिभावकों ने प्रशासन के निर्णय की सराहना कर जताया आभार
अल्मोड़ा। राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) लोधिया के जर्जर भवन में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को आखिरकार सुरक्षित माहौल मिल गया है। जिला प्रशासन के त्वरित निर्णय के बाद विद्यालय की कक्षा छह से 12 तक का संचालन अस्थायी रूप से निकट स्थित फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट (एफसीआई) भवन में शुरू कर दिया गया है। प्रशासन के इस कदम से विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ पढ़ाई भी बिना किसी व्यवधान के जारी है। अभिभावकों ने निर्णय का स्वागत करते हुए जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया है।
जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अंशुल सिंह के निर्देश पर विद्यालय की सभी कक्षाओं को एफसीआई भवन में स्थानांतरित किया गया। लंबे समय से जर्जर भवन को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों में चिंता बनी हुई थी, विशेषकर बरसात के दौरान भवन की स्थिति को देखते हुए किसी भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। ऐसे में प्रशासन ने वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था उपलब्ध कराकर बड़ी राहत दी है।
जिलाधिकारी ने अपने आदेश में कहा कि जीआईसी लोधिया का भवन अत्यधिक क्षतिग्रस्त और जर्जर हो चुका है, इसलिए वहां शिक्षण कार्य संचालित करना विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से उचित नहीं है। उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 33, 34 एवं 65(1)(ई) के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए एफसीआई भवन को अस्थायी रूप से शिक्षण कार्य के लिए अधिग्रहित करने के निर्देश दिए। मुख्य शिक्षा अधिकारी को परिसर का उपयोग केवल शैक्षणिक गतिविधियों के लिए करने तथा साफ-सफाई, सुरक्षा और संपत्ति के रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गुरुवार को ही विद्यालय की सभी कक्षाओं को एफसीआई भवन में स्थानांतरित कर दिया। नए परिसर में उसी दिन से पठन-पाठन भी शुरू हो गया, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हुई।
प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी रवि मेहता और खंड शिक्षा अधिकारी हरीश रौतेला ने एफसीआई भवन पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानाचार्य और शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए, ताकि शिक्षण कार्य सुचारु रूप से संचालित होता रहे।
अभिभावकों ने प्रशासन के त्वरित निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सुरक्षित भवन में कक्षाएं शुरू होने से बड़ी चिंता दूर हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और प्रशासन अब विद्यालय के नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी करेंगे, जिससे विद्यार्थियों को स्थायी रूप से बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और निर्बाध शिक्षण व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जिले के जर्जर विद्यालय भवनों के स्थान पर नियमानुसार नए भवनों के निर्माण के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।



