
अल्मोड़ा। कारगिल युद्ध के अमर शहीद कमांडो कैलाश चंद रौतेला की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से नगर के हनुमान मंदिर वार्ड में उनके नाम पर मार्ग का नामकरण किया गया। रविवार को आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में शहीद कैलाश रौतेला मार्ग के स्मृति पट्ट का अनावरण और मार्ग का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों की स्मृतियों को संजोना समाज का दायित्व है। शहीद कैलाश रौतेला के नाम पर मार्ग का नामकरण आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा। शहीद कैलाश चंद रौतेला का जन्म 28 दिसंबर 1966 को अल्मोड़ा के गंगोला मोहल्ले में हुआ था। उनकी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा अल्मोड़ा में ही हुई। वर्ष 1988 में वह आईटीबीपी में भर्ती हुए और बाद में एसपीजी में कमांडो प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने राष्ट्रपति भवन सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सेवाएं देने के साथ अनेक विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा का दायित्व भी निभाया। कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन विजय में 30 मई 1999 को जम्मू-कश्मीर के बनिहाल क्षेत्र में कर्तव्य निभाते हुए वह वीरगति को प्राप्त हुए। उनके अदम्य साहस और बलिदान ने अल्मोड़ा ही नहीं, पूरे देश को गौरवान्वित किया। कार्यक्रम में शहीद की माता शांति रौतेला, भाई हेम चंद्र सिंह रौतेला तथा बहनें प्रभा रौतेला और गीता रौतेला की उपस्थिति ने माहौल को भावुक बना दिया। उपस्थित लोगों ने शहीद परिवार का सम्मान करते हुए उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर मेयर अजय वर्मा, प्रकाश चंद्र जोशी, नगर निगम के पार्षदों, पूर्व सभासदों, वरिष्ठ पत्रकारों, पूर्व सैनिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने सहभागिता कर शहीद कैलाश चंद रौतेला को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के अंत में सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और उनकी अमर गाथा को सदैव जीवंत बनाए रखने का संकल्प लिया।


