
देहरादून। दून अस्पताल में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं और मरीजों की शिकायतों को शासन ने गंभीरता से लिया है। अस्पताल की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए शासन ने चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के माध्यम से दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन से आठ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उप सचिव केके शुक्ल के निर्देश के बाद चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर विस्तृत जवाब मांगा है। जिन मामलों पर रिपोर्ट मांगी गई है, उनमें गायनी विभाग के पंजीकरण काउंटर पर अव्यवस्था, मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था, उपचार के बाद लावारिस मरीजों की देखरेख, महिला सुरक्षाकर्मी से मारपीट की घटना, इमरजेंसी सेवाओं की स्थिति, जनऔषधि केंद्र से दवाएं लौटाए जाने तथा डॉक्टरों और स्टाफ के व्यवहार से जुड़ी शिकायतें प्रमुख हैं।
इस बीच दून मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक फेरबदल भी किया गया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. शिव कुमार यादव को पद से मुक्त कर उनकी जगह डॉ. शिखा द्विवेदी को नया परीक्षा नियंत्रक नियुक्त किया गया है। बताया गया कि डॉ. शिव कुमार के पास चिकित्सा शिक्षा निदेशालय में उप निदेशक का अतिरिक्त प्रभार होने के कारण परीक्षा संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे थे।
उधर, दून अस्पताल की इमरजेंसी में नई एक्स-रे मशीन लगाने की योजना भी फिलहाल अटक गई है। तकनीकी निरीक्षण में मशीन स्थापना के लिए चिह्नित स्थान पर कई कमियां पाई गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने के लिए फायर बॉक्स और फायर लाइन को स्थानांतरित करना होगा, जबकि रेडिएशन सुरक्षा मानकों के तहत ब्रिक शील्डिंग का निर्माण भी अनिवार्य है। इन कमियों को दूर किए बिना मशीन स्थापित नहीं की जा सकेगी।
शासन की ओर से रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद अब अस्पताल प्रशासन को सभी बिंदुओं पर तथ्यात्मक जवाब देना होगा। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और जवाबदेही तय करने की दिशा में आगे कार्रवाई की जाएगी।


