
नई टिहरी(आरएनएस)। रत्वाड़ी-स्यांसू-नकोटखोली सड़क निर्माण के लिए अपनी कृषि भूमि देने वाले रत्वाड़ी, मंजोली, ल्वार्खा और चोपड़ा के काश्तकार करीब 20 साल से मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2006-07 में लोनिवि चंबा की ओर से करीब आठ किमी सड़क का निर्माण कराया गया, लेकिन सड़क कटिंग और दबान में गई दर्जनों नाली सिंचित व असिंचित कृषि भूमि का आज तक मुआवजा नहीं मिला। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी है।
कार्यालय के चक्कर काटकर थके काश्तकार
ग्राम पंचायत रत्वाड़ी-मंजोली के प्रधान मुकेश जड़धारी ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान कई काश्तकारों की जमीन प्रभावित हुई थी। शुरुआती वर्षों में ग्रामीण मुआवजे के लिए लोनिवि कार्यालय चंबा के चक्कर काटते रहे, लेकिन वर्षों बाद भी सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने कार्यालय जाना तक छोड़ दिया।
काश्तकारों का कहना है कि 20 वर्षों में चंबा आने-जाने में जितना खर्च हो चुका है, उतना मुआवजा मिलना भी मुश्किल लग रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार सड़क कटिंग के लिए जमीन का मुआवजा देती है तो अब तक भुगतान क्यों नहीं हुआ और मुआवजे की धनराशि कहां खर्च हुई।
प्रधान मुकेश जड़धारी ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर सभी काश्तकारों को मुआवजा नहीं दिया गया, तो लोनिवि कार्यालय चंबा में बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
रत्वाड़ी-स्यांसू-नकोटखोली मोटर मार्ग का पहाड़ कटान का पूरा मुआवजा दे दिया गया था जो काश्तकार दबान का पैसा नहीं ले गए थे, उनका भुगतान बजट लैप्स होने के कारण बचा हुआ है। उसकी डिमांड भेज दी गई है, पैसा मिलते ही वितरित किया जाएगा। – राजविंद सिंह,अधिशासी अभियंता लोनिवि चंबा।


