
रुद्रपुर(आरएनएस)। सूरजमल विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रवीण तिवारी ने कहा कि बीएससी नर्सिंग और जीएनएम विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को लेकर विश्वविद्यालय गंभीर है। उन्होंने विश्वविद्यालय पर विद्यार्थियों को अनधिकृत व नियम विरुद्ध तरीके से प्रवेश देने के आरोपों को गलत बताया। सूरजमल विश्वविद्यालय में नर्सिंग और जीएनएम के विद्यार्थी भारतीय नर्सिंग परिषद (आईएनसी) की मान्यता की मांग को लेकर 29 जुलाई से कॉलेज गेट पर धरना दे रहे हैं। इसके मद्देनजर सोमवार को सूरजमल कन्या महाविद्यालय में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कुलसचिव डॉ. तिवारी ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया को उस समय लागू नियमों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि बीएससी नर्सिंग के संबंध में भारतीय नर्सिंग परिषद के निरीक्षण के दौरान सामने आए बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक अनुपालन की दिशा में कार्रवाई की गई है। विवि पुनः निरीक्षण की प्रक्रिया शीघ्र आगे बढ़ाने के लिए परिषद के साथ लगातार पत्राचार और समन्वय कर रहा है। कुलसचिव ने बताया कि विश्वविद्यालय को हाल ही में भारतीय नर्सिंग परिषद से महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई है। इसके तहत संस्थान के पुनः निरीक्षण के लिए ई-मेल प्राप्त होगा। उन्होंने इसे सकारात्मक और महत्वपूर्ण प्रगति बताया। कहा कि विश्वविद्यालय आईएनसी के नियमों और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया को विधिसम्मत तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रक्रियात्मक अथवा प्रशासनिक स्थिति के कारण उनके शैक्षणिक भविष्य में अनावश्यक कठिनाइयों से बचाना है। वर्तमान परिस्थितियों के कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता स्वाभाविक है। उन्होंने आंदोलनरत विद्यार्थियों की चिंताओं और भावनाओं का सम्मान करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील और नियामकीय विषय का स्थायी समाधान संवाद, पारस्परिक समन्वय, नियामकीय प्रक्रिया और विधिसम्मत कार्रवाई के माध्यम से ही संभव है। विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की कि वे अपुष्ट सूचनाओं, सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों अथवा अधूरे तथ्यों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें और विश्वविद्यालय व संबंधित सक्षम प्राधिकारियों की आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। प्रेसवार्ता में परीक्षा नियंत्रक डॉ. विपिन कुमार अग्रवाल और नर्सिंग प्राचार्य शबीना बेन मौजूद रहीं।
