
अल्मोड़ा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) अल्मोड़ा और सोल डायट फाउंडेशन, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार से डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए “शिक्षा में रंगमंच” विषयक तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। संस्थान के आनंदम सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन डायट प्राचार्य ललित मोहन पांडे तथा सोल डायट फाउंडेशन की डिंपल मेहता और सिमरन नागपाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. कामाक्षा मिश्रा ने कार्यशाला के उद्देश्य, उपयोगिता और महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रंगमंच आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास का विकास होता है। डायट प्राचार्य ललित मोहन पांडे ने कहा कि अभिनय केवल एक कला नहीं, बल्कि शिक्षण का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण में नाटक और कहानी जैसी विधाओं का महत्वपूर्ण स्थान है, जो शिक्षण को अधिक रोचक और प्रभावशाली बनाती हैं। कार्यशाला के दौरान संदर्भदाता सिमरन नागपाल और डिंपल मेहता ने भाषा विकास, व्यक्तित्व विकास तथा प्रभावी अभिव्यक्ति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने कई सहभागितापूर्ण गतिविधियों का संचालन किया, जिनमें डीएलएड प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर जिला संसाधन इकाई के विभागाध्यक्ष रमेश सिंह रावत, पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश चंद पंत, कार्यानुभव विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सरिता पांडे, सेवापूर्व विभाग की प्रवक्ता डॉ. हेमलता धामी, शैक्षिक तकनीकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रकाश चंद आर्य सहित संस्थान के सभी डीएलएड प्रशिक्षु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कामाक्षा मिश्रा ने किया।
