
रुद्रपुर(आरएनएस)। ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में घर पर फायरिंग और तोड़फोड़ कर दहशत फैलाने के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक बाल अपराधी को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, कारतूस और घटना से जुड़े तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, शास्त्रीनगर गड्ढा कॉलोनी निवासी कृष सिंह पुत्र जितेंद्र प्रसाद ने ट्रांजिट कैंप थाने में तहरीर देकर बताया था कि पड़ोसी सोनू राठौर उर्फ जूड़ी उसे लगातार फोन पर जान से मारने की धमकी दे रहा था। आरोप है कि 16 जुलाई की रात करीब साढ़े आठ बजे सोनू अपने साथियों अनुज उर्फ मुदिया, सोहेल, सोनू राठौर उर्फ मिथुन, सुमित बंगाली, यश और अन्य लोगों के साथ मोटरसाइकिलों से उसके घर पहुंचा और जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। आरोपियों ने घर में तोड़फोड़ भी की। पीड़ित ने घर के भीतर छिपकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद घर की दीवारों पर गोलियों के निशान मिले थे। मामले में ट्रांजिट कैंप कोतवाली में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया: एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर मोदी मैदान क्षेत्र से सोनू राठौर उर्फ जूड़ी पुत्र बेचेलाल राठौर निवासी शास्त्रीनगर गड्ढा कॉलोनी, यश सिंह पुत्र धीरज सिंह निवासी तपस्या विहार और सोहेल पुत्र उमर निवासी सिरौली कलां, थाना पुलभट्टा, हाल निवासी आजाद नगर, रुद्रपुर को गिरफ्तार कर लिया। एक बाल अपराधी को भी संरक्षण में लिया गया है। तलाशी के दौरान मुख्य आरोपी सोनू के पास से 315 बोर का तमंचा और छह खोखा कारतूस बरामद हुए। वहीं बाल अपराधी के कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा और दो कारतूस मिले। पुलिस ने आरोपियों के तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। मुख्य आरोपी के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाल धर्मवीर सोलंकी, एसआई प्रकाश चंद, एसआई मनोज कुमार (विवेचक), एसआई जितेंद्र खत्री, कांस्टेबल चंद्र प्रकाश बबाढ़ी, अनिल कुमार और हिमांशु कुमार शामिल रहे।
पैदल परेड निकाली: शनिवार को ट्रांजिट कैंप कोतवाल धर्मवीर सोलंकी ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पैदल परेड निकाली। पुलिस ने परेड उसी स्थान पर निकाली, जहां आरोपियों ने फायरिंग कर क्षेत्र में दहशत फैलाने का प्रयास किया था। पुलिस ने स्थानीय लोगों को आरोपियों की पहचान कराते हुए उनसे अराजक तत्वों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की।
