
अल्मोड़ा। बीयरशिबा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए ‘तनाव प्रबंधन एवं व्यावहारिक तकनीकें’ विषय पर काउंसलिंग एवं वेलनेस सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा, प्रतिस्पर्धा और दैनिक जीवन में उत्पन्न होने वाले तनाव को समझने तथा उससे प्रभावी ढंग से निपटने के उपायों की जानकारी देना था।
सत्र में मनोवैज्ञानिक, रिलैक्सेशन थैरेपिस्ट एवं पीएचडी धारक दुर्वा पंत ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को तनाव के कारणों, उसके मानसिक और शारीरिक प्रभावों तथा तनाव नियंत्रण की विभिन्न तकनीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ध्यान, सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के उपायों पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सहभागितापूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को समझने, आत्मविश्वास बढ़ाने और कठिन परिस्थितियों में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा मिली।
विद्यालय की अकादमिक निदेशक दीपिका विल्सन ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने तथा बदलते समय के साथ नई तकनीकों और कौशलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है और विद्यार्थियों को ऐसे मार्गदर्शन सत्रों का पूरा लाभ उठाना चाहिए।
उप प्रधानाचार्य हरीश कांडपाल ने कहा कि सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता, आत्म-अनुशासन और सकारात्मक सोच से भी प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से तनाव प्रबंधन की तकनीकों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने तनावमुक्त और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन ने ऐसे कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इनके आयोजन की प्रतिबद्धता जताई।


