
रुद्रपुर (आरएनएस)। शटडाउन मिलने की सूचना के बावजूद बिजली लाइन बंद नहीं होने से ठेके पर कार्यरत एक लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों, स्थानीय लोगों और बिजली कर्मियों में आक्रोश फैल गया। मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभाला।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब पौने दस बजे लाइनमैन रंजीत सिंह अपने साथियों के साथ ग्रामीण क्षेत्र में एक ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज ठीक करने गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्य शुरू करने से पहले कंट्रोल रूम से शटडाउन मांगा गया था। कंजाबाग सब स्टेशन से शटडाउन दिए जाने की सूचना मिली, लेकिन जैसे ही रंजीत सिंह पोल पर चढ़े, वे करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।
साथी कर्मचारियों का आरोप है कि कंजाबाग सब स्टेशन से वास्तविक रूप से शटडाउन नहीं दिया गया था। जिस ट्रांसफॉर्मर पर फ्यूज ठीक किया जा रहा था, उसके ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी। फ्यूज ठीक करने के दौरान करंट लगने से रंजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद ठेकेदार के सुपरवाइजर ने भी कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि समय पर शटडाउन दिया गया होता तो दुर्घटना टाली जा सकती थी।
घटना की सूचना मिलने पर विधायक भुवन कापड़ी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मियों के साथ करंट लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मृतक के परिजनों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।
