
अल्मोड़ा। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (एनएमओपीएस) अल्मोड़ा इकाई ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को ज्ञापन सौंपकर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के संकल्प पत्र में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली को शामिल करने और सरकार बनने पर इसे लागू करने की स्पष्ट प्रतिबद्धता जताने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारी, शिक्षक और अन्य कार्मिक नई पेंशन योजना (एनपीएस) के अंतर्गत सेवाएं दे रहे हैं। संगठन का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से लागू की गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) भी कर्मचारियों की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती और इसे पुरानी पेंशन योजना का विकल्प नहीं माना जा सकता।
एनएमओपीएस के जिलाध्यक्ष गणेश सिंह भंडारी ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के बुढ़ापे की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक स्थिरता का आधार है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी वर्ग अब राजनीतिक दलों से इस विषय पर स्पष्ट और लिखित आश्वासन चाहता है।
जिला मंत्री भूपाल सिंह चिलवाल ने कहा कि ओपीएस बहाली लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। वहीं जिला संरक्षक डॉ. मनोज जोशी ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है और इसकी बहाली सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।
प्रांतीय कोर कमेटी सदस्य धीरेंद्र कुमार पाठक ने कहा कि ओपीएस आंदोलन कर्मचारियों की एकजुटता और लंबे संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने तर्क दिया कि वर्ष 1947 से 2005 तक पेंशन व्यवस्था जारी रही और उस दौरान भी सरकारों ने इसे आर्थिक बोझ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिलने के बावजूद कर्मचारियों को इससे वंचित रखना उचित नहीं है।
कुमाऊं मंडल उपाध्यक्ष गिरिजा भूषण जोशी ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों और उनके परिवारों के सम्मानजनक जीवन की आधारशिला है। मदन पाटनी ने भी कर्मचारियों और शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की आवश्यकता जताई।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष गणेश सिंह भंडारी, जिला मंत्री भूपाल सिंह चिलवाल, जिला संरक्षक डॉ. मनोज जोशी, प्रांतीय कोर कमेटी सदस्य धीरेंद्र कुमार पाठक, कुमाऊं मंडल उपाध्यक्ष गिरिजा भूषण जोशी और मदन पाटनी शामिल रहे।
एनएमओपीएस ने उम्मीद जताई कि कांग्रेस कर्मचारी हितों से जुड़े इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए अपने संकल्प पत्र में ओपीएस बहाली को शामिल करेगी और सरकार गठन की स्थिति में इसे लागू करने की सार्वजनिक प्रतिबद्धता व्यक्त करेगी।

