
अल्मोड़ा। कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और ग्रामोत्थान (रीप) योजना की समीक्षा बैठक कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने सभी योजनाओं के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर देते हुए अधिकारियों को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के अंतर्गत प्राप्त विभिन्न विकास प्रस्तावों पर चर्चा के बाद कई प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। आयुक्त ने प्राधिकरण के कार्यों और कार्मिकों की समस्याओं की भी समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों को गुणवत्ता और नियमानुसार पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन से भवन निर्माण सहित सभी निर्माण कार्य प्राधिकरण के निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने की अपील की तथा व्यावसायिक भवनों और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को अनिवार्य रूप से प्राधिकरण के मानकों के तहत लाने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार एवं आजीविका आधारित गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जाए तथा योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाए। मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने बताया कि जनपद के 1,042 गांवों में अब तक 6,921 स्वयं सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि 28,500 ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य भी प्राप्त कर लिया गया है, जिसे महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। ग्रामोत्थान (रीप) योजना की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक लोगों को स्थायी आजीविका से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध ढंग से पहुंचना चाहिए, जिससे ग्रामीणों की आय बढ़े और सशक्त गांवों का लक्ष्य पूरा हो सके। बैठक में जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति और भावी कार्ययोजना की जानकारी दी। आयुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


