
अल्मोड़ा। जिले में चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) अल्मोड़ा में आयोजित पैरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) के दौरान छात्राओं, अभिभावकों और विद्यालय स्टाफ को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, मानव तस्करी, पोक्सो अधिनियम, सड़क सुरक्षा तथा नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में कोतवाली अल्मोड़ा, महिला कोतवाली तथा यातायात पुलिस की टीम ने प्रतिभाग किया। इस दौरान यातायात प्रभारी हयात सिंह भी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति लोगों को सतर्क करते हुए डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, ओटीपी और बैंकिंग जानकारी साझा करने के जोखिम, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, संदिग्ध लिंक, फर्जी ऋण और इनाम के नाम पर होने वाली ठगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल सूचना देने की अपील की गई। कार्यक्रम में मानव तस्करी से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की गई। पुलिस टीम ने बताया कि नौकरी, विवाह अथवा अन्य प्रलोभनों के माध्यम से युवाओं और बच्चों को निशाना बनाया जाता है, इसलिए ऐसी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है। छात्राओं को गौरा शक्ति ऐप की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए उपयोगी माध्यम है, जिसके जरिए आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है। पुलिस ने पोक्सो अधिनियम के प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों, ऑनलाइन शोषण से बचाव और बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी जानकारी दी। छात्राओं को महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में भी बताया गया। इस दौरान युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। पुलिस ने नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना मानस हेल्पलाइन 1933 पर देने की अपील की और बताया कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाती है।

